करौली में सिलिकोसिस पेंडेंसी खत्म करने की कवायद तेज, संयुक्त निदेशक ने एक्शन प्लान बनाने के दिए निर्देश
Friday, Jan 09, 2026-06:58 PM (IST)
करौली। करौली जिले में लंबे समय से लंबित सिलिकोसिस प्रमाणीकरण मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में संयुक्त निदेशक (जन स्वास्थ्य) डॉ. एस.एन. धौलपुरिया ने सिलिकोसिस पेंडेंसी को शीघ्र समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में डॉ. धौलपुरिया ने कहा कि करौली जिले में सिलिकोसिस प्रमाण पत्रों की पेंडेंसी अन्य जिलों की तुलना में अधिक है, जो गंभीर चिंता का विषय है। प्रमुख शासन सचिव के निर्देशानुसार आगामी समीक्षा बैठक से पहले पेंडेंसी को शून्य स्तर तक लाना प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों की विस्तृत लाइन लिस्टिंग की जाए और उन्हें मृत्यु, प्रमाण पत्र जारी, निरस्त एवं फर्जी प्रमाण पत्र जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही न्यूमोकोनोसिस बोर्ड के सदस्यों, मेडिसिन विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोग्राफर को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. जयंतीलाल मीणा ने जानकारी दी कि सिलिकोसिस पेंडेंसी के निस्तारण के लिए विभागीय स्तर पर विशेष सेल का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे सिलिकोसिस पीड़ितों का डाटा आवश्यक साक्ष्यों के साथ संकलित करें, ताकि प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि तय कार्य योजना के तहत लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जा रहा है और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी हिंडौन डॉ. पुष्पेंद्र बंसल, डॉ. गोविंद गुप्ता, डॉ. कैलाश मीणा, डॉ. शिशुपाल सहित रेडियोलॉजिस्ट और रेडियोग्राफर उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग की इस सक्रियता से सिलिकोसिस पीड़ितों को शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
