करौली में साइबर फ्रॉड पीड़िता को बड़ी राहत, पुलिस ने एक लाख रुपये वापस दिलाए
Saturday, Feb 21, 2026-02:39 PM (IST)
करौली: राजस्थान के करौली जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की तत्परता ने एक महिला पीड़िता को बड़ी राहत दी है। न्यू ब्रह्मपुरी कॉलोनी, मंडावरा रोड निवासी इस महिला के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ था, जिसमें ठगों ने उसे धोखे से एक लाख रुपये ट्रांसफर करवाए थे। जैसे ही पीड़िता को ठगी का पता चला, उसने बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।
नई मंडी थाना और साइबर सेल करौली की संयुक्त टीम ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई शुरू की। टीम ने ठगी किए गए बैंक खाते की डिटेल्स जुटाईं और आवश्यक दस्तावेज और सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद न्यायालय से फ्रीज और रिफंड के आदेश प्राप्त किए गए। कोर्ट के आदेश के बाद बैंक से संपर्क कर पूरी राशि पीड़िता के खाते में सफलतापूर्वक ट्रांसफर करवाई गई।
राशि वापस मिलने पर पीड़िता ने पुलिस टीम को फोन कर उनका आभार व्यक्त किया और उनकी सराहना की। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में यह कार्रवाई साइबर क्राइम के खिलाफ करौली पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि साइबर ठगी या फ्रॉड की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती घंटों में रिपोर्ट करने से 'गोल्डन आवर' में कार्रवाई संभव हो जाती है, जिससे पैसे फ्रीज कर वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। करौली पुलिस ने हाल के महीनों में कई मामलों में पीड़ितों को लाखों रुपये वापस कराए हैं, जिससे साइबर अपराधियों पर लगाम कसने में मदद मिली है।
साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए पुलिस ने कुछ जरूरी सुझाव भी दिए हैं। अनजान लिंक या ऐप पर क्लिक न करें, किसी भी रिफंड, इन्वेस्टमेंट या जॉब ऑफर के लिए पैसे ट्रांसफर करने से पहले जांच करें, बैंक डिटेल्स या OTP कभी साझा न करें और शक होने पर तुरंत पुलिस या 1930 हेल्पलाइन से संपर्क करें।
यह घटना दर्शाती है कि सतर्कता और त्वरित शिकायत से साइबर ठगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है। करौली पुलिस की इस सफलता से अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा मिलेगी और आम जनता में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
