राजस्थान में स्पा और मसाज सेंटरों के लिए सख्त मॉडल गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी
Thursday, Feb 26, 2026-07:42 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में संचालित स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के संचालन को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त मॉडल गाइडलाइंस का ड्राफ्ट जारी किया है। गृह (ग्रुप-10) विभाग द्वारा 24 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना को राजस्थान राजपत्र के विशेषांक में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने इन प्रस्तावित नियमों पर आमजन, संचालकों और संबंधित हितधारकों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। यह कदम राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है, जिसका उद्देश्य वेलनेस एवं ब्यूटी सेक्टर को कानूनी ढांचे में लाना और इसकी आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है।
सरकार के अनुसार, कई स्थानों पर स्पा और मसाज सेंटरों की आड़ में वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नई गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य ऐसे दुरुपयोग को समाप्त कर सुरक्षित, गरिमामय और जिम्मेदार सेवा वातावरण सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित नियमों के तहत अब सभी स्पा, मसाज सेंटर, ब्यूटी पार्लर और योग थेरेपी केंद्रों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस जारी करने से पहले संबंधित प्राधिकरण द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाएगा।
ड्राफ्ट गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि केंद्रों में किसी भी प्रकार की यौन गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। साथ ही क्रॉस-जेंडर सेवाओं पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत पुरुष थैरेपिस्ट केवल पुरुष ग्राहकों को और महिला थैरेपिस्ट केवल महिला ग्राहकों को ही सेवा प्रदान कर सकेंगे। पुरुष और महिला सेवा क्षेत्रों को पूरी तरह अलग रखना अनिवार्य होगा। सेवा कक्षों में अंदर से कुंडी या ताला लगाने की अनुमति नहीं होगी और संचालन के समय मुख्य प्रवेश द्वार खुला रखना होगा।
सुरक्षा और निगरानी को ध्यान में रखते हुए केंद्रों के मेन गेट, रिसेप्शन और कॉमन एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। प्रत्येक ग्राहक का वैध पहचान पत्र के साथ रजिस्टर में विवरण दर्ज करना जरूरी होगा। संचालन समय सुबह 9 बजे से शाम 8 बजे तक निर्धारित किया गया है ताकि गतिविधियों पर निगरानी बनी रहे।
कर्मचारियों की योग्यता को लेकर भी कड़े नियम प्रस्तावित किए गए हैं। प्रत्येक थैरेपिस्ट, ब्यूटीशियन या योग प्रशिक्षक के पास फिजियोथेरेपी, योग थेरेपी, एक्यूप्रेशर या ब्यूटी एवं कॉस्मेटोलॉजी जैसे मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम की डिग्री या डिप्लोमा होना आवश्यक होगा। सभी कर्मचारियों की पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रहेगी और न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 112 और 181 का प्रदर्शन, सेवाओं एवं शुल्क सूची का खुला प्रदर्शन और शिकायत निवारण व्यवस्था भी जरूरी होगी।
ड्राफ्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है, केंद्र बंद किए जा सकते हैं तथा संबंधित कानूनों के तहत आपराधिक कार्रवाई भी होगी। सरकार का मानना है कि इन नियमों से एक ओर वैध वेलनेस उद्योग को स्पष्ट व्यवस्था मिलेगी, वहीं दूसरी ओर अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
