राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा ने दिया एकजुटता का मंत्र, कांग्रेस की रणनिती पर ब्रेक
Wednesday, Aug 05, 2026-03:58 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की आहट के साथ ही प्रदेश की सियासत गर्माने लगी है। चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही BJP पूरी तरह सियासी मोड में नजर आ रही है। संगठन ने संभावित गुटबाजी को रोकने के लिए 'यूनिटी फॉर्मूला' लागू करने का फैसला किया है। दूसरी ओर कांग्रेस की चुनावी रणनीति अभी केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार कर रही है, जबकि आम आदमी पार्टी भी निकाय और पंचायत चुनाव पूरे ज़ोर-शोर से लड़ने का दावा कर रही है। आइए जानते हैं किसकी क्या है चुनावी प्लानिंग।
BJP का एकजुटता का संदेश
प्रदेश भाजपा कार्यालय में जयपुर संभागीय चुनाव संचालन समिति की बैठक के दौरान नेताओं ने कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया कि टिकट भले ही किसी एक उम्मीदवार को मिले, लेकिन उसकी जीत सुनिश्चित करना पूरे संगठन की जिम्मेदारी होगी। माना जा रहा है कि टिकट वितरण के दौरान असंतोष और गुटबाजी की आशंकाओं को देखते हुए संगठन ने पहले से ही एकजुटता पर जोर देना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक़, प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने व्यक्तिगत दावेदारी से ऊपर उठकर अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में काम करने की बात कही। वहीं प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने भी कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
युवाओं पर फोकस
बैठक में सोशल मीडिया अभियान को तेज करने और खासकर Gen-Z मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने पर भी चर्चा हुई। संगठन का मानना है कि युवाओं को सीधे जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रियता बढ़ानी होगी। इसके साथ ही जल्द ही विधानसभा स्तर पर चुनाव कार्यालय शुरू किए जाएंगे, चुनाव संचालन समितियां गठित होंगी और स्थानीय मुद्दों के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।
कांग्रेस की रणनीति पर दिल्ली में लगा ब्रेक
उधर कांग्रेस की प्रस्तावित स्ट्रैटेजिक कमेटी अब भी केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी का इंतजार कर रही है। प्रदेश नेतृत्व अध्यक्ष और सदस्यों के नाम दिल्ली भेज चुका है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण समिति का गठन फिलहाल अधर में है। यही कमेटी निकाय और पंचायत चुनावों के साथ-साथ 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इसकी कमान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी को सौंपी जा सकती है।
बड़े नेताओं ने संभाला अपना-अपना क्षेत्र
प्रदेशव्यापी रणनीति को अंतिम रूप मिलने से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने गृह जिलों और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सीकर-लक्ष्मणगढ़, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जोधपुर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली अलवर और सचिन पायलट टोंक में कार्यकर्ता बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों के जरिए चुनावी माहौल बनाने में जुटे हैं।
AAP भी निकाय और पंचायत चुनाव में आजमाएगी ताकत
आम आदमी पार्टी ने भी राजस्थान के आगामी निकाय और पंचायत चुनाव पूरी मजबूती से लड़ने का ऐलान किया है। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कीर्ति पाठक ने कहा कि पार्टी भ्रष्टाचार मुक्त नगर निकायों और स्थानीय समस्याओं के समाधान को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वार्ड से स्वच्छ छवि और जनता के बीच सक्रिय उम्मीदवारों को टिकट दिया जाएगा। वहीं जयपुर जिला अध्यक्ष अमित दाधीच ने कहा कि जनसमस्याओं को लेकर पार्टी लगातार अभियान चला रही है और चुनाव में इन्हीं मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएगी।
फिलहाल इतना तय है कि चुनावी बिगुल बजने से पहले ही सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब चुनाव की आधिकारिक घोषणा होगी, तब किस दल की तैयारी सबसे ज्यादा असर दिखाएगी और आखिरकार राजस्थान की जनता किस रणनीति पर सबसे ज्यादा भरोसा जताएगी? इसका जवाब आने वाले चुनावी मुकाबले में ही मिलेगा। फिलहाल राजनीति का तापमान लगातार बढ़ रहा है और हर दल जीत की जमीन मजबूत करने में जुटा है।
