राज्यसभा के लिए फिर भरोसा जताना बड़ी बात, पायलट जयपुर में नहीं थे, मुहूर्त देखकर नामांकन भरा- नीरज डांगी

Saturday, Jun 06, 2026-04:35 PM (IST)

कांग्रेस ने राजस्थान से एक बार फिर नीरज डांगी पर भरोसा जताया है। राज्यसभा के लिए दूसरी बार उम्मीदवार बनाए जाने, पार्टी के भीतर की राजनीति, सचिन पायलट की गैरमौजूदगी और युवाओं के मुद्दों पर पंजाब केसरी डिजिटल के संपादक विशाल सूर्यकांत से नीरज डांगी ने खास बातचीत की। प्रस्तुत हैं प्रमुख अंश :-


सवाल : दूसरी बार राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को आप कैसे देखते हैं?
नीरज डांगी : राज्यसभा की उम्मीदवारी कई स्तरों पर विचार के बाद तय होती है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का आभारी हूं। पिछले छह वर्षों में राज्यसभा में राजस्थान और जनहित के कई मुद्दे उठाने का अवसर मिला। शायद मेरे काम और संगठन में लंबे योगदान को देखते हुए पार्टी ने मुझ पर फिर भरोसा जताया है।


सवाल : कई दावेदारों के बीच आपका नाम दोबारा तय हुआ। क्या इसे आपके प्रदर्शन का पुरस्कार है या गुटबाजी रोकने का कदम ? 
नीरज डांगी : किसी भी चुनाव में कई दावेदार होते हैं। राज्यसभा के लिए भी अनेक योग्य नाम सामने आते हैं। पार्टी संगठन, अनुभव, कार्यशैली, राजनीतिक योगदान और विभिन्न समीकरणों को देखकर फैसला करती है। पार्टी ने जो निर्णय लिया है, उसे मैं सम्मान की तरह देखता हूं।


सवाल : नामांकन के दौरान सचिन पायलट मौजूद नहीं थे, ऐसा क्यों ? 
नीरज डांगी : पायलट जी जयपुर में नहीं थे, इसलिए वे नामांकन में शामिल नहीं हो सके। हमने 5 जून को नामांकन इसलिए भरा क्योंकि उसी दिन शुभ मुहूर्त था। मैं भी चाहता था कि वे मौजूद रहें। राज्यसभा कार्यकाल के दौरान उनका पूरा सहयोग मिला और इस बार भी उनका समर्थन मेरे साथ रहा।


सवाल : संख्याबल के हिसाब से राज्यसभा चुनाव जीतना लगभग तय माना जा रहा है। फिर भी कोई सरप्राइज एलिमेंट आने की उम्मीद है ? 
नीरज डांगी : आंकड़ों के हिसाब से चुनाव स्पष्ट है। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल है। अगर भाजपा कोई अतिरिक्त उम्मीदवार उतारती है या कोई और कोशिश करती है तो कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। हमारे विधायक एकजुट हैं और हमें जीत का पूरा विश्वास है।


सवाल : राज्यसभा में इस बार आपकी प्राथमिकताएं क्या होंगी?
नीरज डांगी : राजस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे अभी भी अधूरे हैं। ईआरसीपी, रतलाम रेल लाइन, राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रोजेक्ट और अंतरराज्यीय पेयजल योजनाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है। जालौर, सिरोही और पाली क्षेत्र में एम्स जैसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान की मांग भी मैं लगातार उठाता रहा हूं और आगे भी उठाऊंगा।


सवाल : युवाओं में बेरोजगारी को लेकर नाराजगी है। आप इसे कैसे देखते हैं?
नीरज डांगी : बेरोजगारी आज देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को संसद और सड़क पर उठाते रहे हैं। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है। केंद्र और राज्यों को रोजगार और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से काम करना होगा।


सवाल : सोशल मीडिया पर उभर रहे ‘कॉकरोच पार्टी’ जैसे युवा आंदोलनों को आप कैसे देखते हैं?
नीरज डांगी : मैं ऐसी दिशा-विहीन राजनीति को गंभीरता से नहीं लेता। युवाओं को सकारात्मक राजनीति और मजबूत वैचारिक नेतृत्व के साथ जुड़ना चाहिए। राहुल गांधी ने युवाओं, बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दों को मजबूती से उठाया है। बड़ी संख्या में युवा उनके साथ जुड़े हैं।


सवाल : राज्यसभा टिकट नहीं मिलने से कुछ नेताओं में नाराजगी भी हो सकती है। उन्हें क्या संदेश देंगे?
नीरज डांगी : दावेदारी करना हर नेता का अधिकार है। लेकिन एक बार पार्टी फैसला कर देती है तो सभी को उसे स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस में यही परंपरा रही है। मुझे लगता है कि सभी नेताओं ने पार्टी नेतृत्व के फैसले का सम्मान किया है और हम सब मिलकर आगे काम करेंगे।


Content Editor

Ishika Jain

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