जयपुर एयरपोर्ट के पास घायल मिले भारतीय ग्रिफिन गिद्ध का सफल रेस्क्यू, उपचार के बाद प्राकृतिक आवास में किया गया रिलीज़
Monday, Jul 27, 2026-11:33 AM (IST)
जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास घायल अवस्था में मिले भारतीय ग्रिफिन गिद्ध (Griffon Vulture) का वन विभाग, रक्षा संस्थान, वाइल्डलाइफ वेट्स इंटरनेशनल और जयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उपचार के बाद प्राकृतिक आवास में रिलीज़ किया गया।
जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम के सदस्य लोकेश यादव ने एयरपोर्ट की बाउंड्री के पास एक घायल भारतीय ग्रिफिन गिद्ध दिखाई देने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग और रक्षा संस्थान की टीम मौके पर पहुंची और पक्षी का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे रक्षा संस्थान के रिहैबिलिटेशन सेंटर ले जाया गया।
जांच में सामने आई यह वजह
वेटरनरी विशेषज्ञों की जांच में गिद्ध के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं मिली। विशेषज्ञों ने बताया कि पक्षी अत्यधिक डिहाइड्रेशन का शिकार था। अनुमान लगाया गया कि यह पहली बार घोंसले से उड़ान भरने वाला युवा गिद्ध था, जो खराब मौसम और पर्याप्त थर्मल एयर करंट्स नहीं मिलने के कारण अपने प्राकृतिक क्षेत्र से भटककर शहर तक पहुंच गया।
200 से 300 किलोमीटर तक उड़ान भरने में सक्षम
रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल ने बताया कि भारतीय ग्रिफिन गिद्ध उड़ान के दौरान गर्म हवा के थर्मल करंट्स का उपयोग करते हैं और अनुकूल परिस्थितियों में एक बार में 200 से 300 किलोमीटर तक की दूरी तय करने की क्षमता रखते हैं।
दो दिन के उपचार के बाद मिली नई उड़ान
लगातार दो दिनों तक उपचार, हाइड्रेशन और सपोर्टिव थेरेपी देने के बाद गिद्ध पूरी तरह स्वस्थ हो गया। इसके बाद वन विभाग के एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत, रेंज ऑफिसर जोगिंदर सिंह, जयपुर एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम के लोकेश यादव, तथा रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल, यशवंत सिंह सिसोदिया और विराज महावर की मौजूदगी में गिद्ध को उसके प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक रिलीज़ कर दिया गया।
वन विभाग ने इस सफल अभियान को वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए आमजन से भी घायल वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत संबंधित विभाग को सूचना देने की अपील की।
