डिजिटल स्मार्ट और एआई-रेडी बनेगा राजस्थान! सरकार स्टार्टअप्स वालों को देगी ये सुविधाएं

Wednesday, Feb 11, 2026-07:08 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान सरकार की तरफ से ​डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट 2026-27 पेश किया है। इस बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल परिवर्तन को लेकर महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की गई है। दिया कुमारी ने कहा कि एआई का उपयोग सुशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में राजस्थान को अग्रणी राज्य बनाने के लिए किया जाएगा। ऐसे में आने वाले समय में इन क्षेत्रों में जबरदस्त काम होने वाला है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इसके तहत क्या—क्या काम होने वाले हैं और किन लोगों को इसका फायदा मिलने वाला है।

 

एआई नीति और उत्कृष्टता केंद्र
बजट भाषण में बताया गया कि सरकार ने एआई-एमएल नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य राज्य में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। स्वास्थ्य, उद्योग और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में आमजन से जुड़े दो एआई उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

 

हाई पावर्ड कंप्यूटिंग और स्टार्टअप समर्थन
सरकार ने घोषणा की है कि एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए जीपीयू आधारित हाई पावर्ड कंप्यूटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। इसे स्टार्टअप्स को रियायती दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

 

एआई प्रशिक्षण और कौशल विकास
बजट घोषणा के मुताबिक पहले चरण में 10,000 नागरिकों को आरकेसीएल के माध्यम से एआई कौशल वृद्धि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आईटीआई प्रशिक्षकों और राजकीय विद्यालयों के विज्ञान संकाय के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा, विभागाध्यक्षों और उच्च अधिकारियों को आधुनिक एआई टूल्स की सुविधा प्रदान की जाएगी।

 

कृषि क्षेत्र में डिजिटल एआई
बजट भाषण मे बताया गया कि डिजिटल कृषि मिशन के तहत राजस्थान कृषि सूचना और प्रबंधन प्रणाली (राज-एआईएमएस) विकसित की जाएगी। इसमें एआई/एमएल, जीआईएस, रिमोट सेंसिंग और सैटेलाइट इमेजरी जैसी तकनीकों का उपयोग कर किसानों को जलवायु जोखिम से बचाव, मौसम आधारित बुवाई और फसल स्वास्थ्य की निगरानी जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस परियोजना पर 77 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

 

कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा में एआई
सरकार के मुताबिक अभय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रस्तावित व्यय है। राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (R4C) की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा, जिससे साइबर अपराधों का एआई आधारित विश्लेषण संभव होगा।

 

वन्यजीव संरक्षण में एआई का प्रयोग
इसके साथ ही वन्यजीव निगरानी के लिए PRITHWI परियोजना के तहत एआई आधारित तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। बजट भाषण में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि इन पहलों से राजस्थान न केवल डिजिटल और तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनेगा, बल्कि आमजन की जीवन गुणवत्ता और राज्य की आर्थिक विकास दर में भी सुधार होगा।


Content Editor

Anil Jangid

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