राजस्थान में लघु और छोटे उद्यमियों की मौज, सरकार भूमि सहित देती रहेंगी ये सुविधाएं

Wednesday, Feb 11, 2026-06:17 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान सरकार में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट 2026-27 पेश किया है, जिसमें राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया गया है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने 'विकसित राजस्थान @2047' की संकल्पना को साकार करने के लिए औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन को महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक माना गया है।

 

प्रतिदिन आठ उद्योगों के लिए भूमि आवंटित की गई
वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने Rising Rajasthan-2024 का आयोजन किया, जिससे घरेलू और वैश्विक उद्योगों को निवेश के लिए प्रोत्साहन मिला। पिछले एक वर्ष में, प्रतिदिन आठ उद्योगों के लिए भूमि आवंटित की गई है और औद्योगिक आधारभूत सुविधाओं के उन्नयन पर पिछले 50 वर्षों में सर्वाधिक राशि खर्च की गई है।

 

नीति को दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी नीति
वहीं, औद्योगिक विकास और सुगम निवेश के लिए, डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी लागू की गई है, जिसके तहत 1,200 से अधिक उद्यमियों को 800 एकड़ से अधिक भूमि आवंटित की गई है। इस नीति को दिसंबर 2026 तक जारी रखने का प्रस्ताव है।

 

विकसित होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र
बजट में हुई घोषणा के मुताबिक आगामी वर्ष में, जयपुर, अजमेर, डीडवाना-कुचामन, टोंक, फलौदी, खैरथल तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, कोटा, धौलपुर और सीकर के विभिन्न क्षेत्रों में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बिचून, कुंज बिहारीपुरा, विश्वकर्मा, ईपीआईपी, सीतापुरा (जयपुर), भिवाड़ी, कहरानी, चौपानकी (खैरथल तिजारा), उद्योग विहार (श्रीगंगानगर), आईजीसी खारा (बीकानेर), नीमराना, ईपीआईपी-नीमराना (कोटपूतली बहरोड़), कुबेर (कोटा) और गेगल (अजमेर) सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और आधारभूत सुविधाओं (सड़क, पानी, बिजली) पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

प्लग एंड प्ले फैसिलिटी फॉर स्मॉल एंड माइक्रो एंटरप्राइजेज शुरू होगा
बजट में घोषणा की गई की लघु और छोटे उद्यमियों को सहायता प्रदान करने के लिए, सभी संभागीय मुख्यालयों पर 'प्लग एंड प्ले फैसिलिटी फॉर स्मॉल एंड माइक्रो एंटरप्राइजेज' शुरू की जाएगी, जिस पर आगामी वर्ष में 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 3,600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी, जिसके पहले चरण में अगले दो वर्षों में सड़क, बिजली और पानी जैसी आधारभूत संरचनाओं पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

 

सूक्ष्म और लघु इकाइयों को मार्जिन मनी के तौर पर मिलेंगे 15 करोड़
राजस्थान में लॉजिस्टिक इको-सिस्टम को विकसित करने के लिए भिवाड़ी के सलारपुर और डीडवाना-कुचामन के परबतसर में भूमि आवंटित की गई है। निजी क्षेत्र के सहयोग से इनलैंड कंटेनर डिपो और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब स्थापित किए जाएंगे। माटी कला से जुड़े कलाकारों के उत्थान के लिए 15 करोड़ रुपये की लागत से 5,000 इलेक्ट्रिक व्हील्स और मिट्टी गूंथने की मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी। राजस्थान ओडीओपी पॉलिसी 2024 के तहत सूक्ष्म और लघु इकाइयों को मार्जिन मनी उपलब्ध कराने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


Content Editor

Anil Jangid

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