राजस्थान बनेगा अपराध मुक्त! पुलिस और कानून व्यवस्था को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
Wednesday, Feb 11, 2026-07:47 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान अब जल्द ही अपराध मुक्त और सुरक्षित वातावरण वाला राज्य बनने वाला है। क्योंकि सरकार ने बजट 2026-27 में प्रदेशवासियों को अपराध मुक्त और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, साइबर अपराधों पर नियंत्रण और न्यायिक ढांचे के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं जिनका काफी असर देखने को मिलेगा।
अपराध निपटान में तेजी का दावा
सरकार की तरफ से बजट में दावा किया गया कि आपराधिक मामलों में कमी आई है। दुष्कर्म के मामलों के निपटारे का औसत समय 106 दिन से घटाकर 56 दिन कर दिया गया है, जबकि पॉक्सो मामलों में यह अवधि 102 दिन से घटकर 59 दिन रह गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ट्रैप कार्रवाइयों को प्रभावी बनाने के लिए रिवॉल्विंग फंड की राशि 4 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है।
नई पुलिस चौकियां और थानों का विस्तार
बजट भाषण के अनुसार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में 16 नई पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी। कई पुलिस चौकियों को थाने में क्रमोन्नत किया जाएगा तथा रामपुरा डाबड़ी (आमेर) में नया थाना और अलवर दक्षिण में नया वृत्त कार्यालय बनाया जाएगा।
अभय कमांड सेंटर और एआई तकनीक
बजट घोषणा के अनुसार, अभय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर में तीन माह के वीडियो डेटा के रखरखाव, आईटी विस्तार और एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स की स्थापना पर 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नवगठित जिलों में अभय कमांड सेंटर स्थापित करने के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
साइबर अपराध पर सख्ती
बजट में घोषणा की गई की राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिस पर 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साइबर हेल्पलाइन-1930 के लिए कॉल सेंटर बनाया जाएगा। वर्ष 2030 तक सभी पुलिस जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रमुख शहरों में अतिरिक्त साइबर थानों की स्थापना भी होगी। एसओजी, एंटी-नारकोटिक्स और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के लिए 50 करोड़ रुपये से संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
फॉरेंसिक और कारागृह सुधार
दिया कुमारी ने बताया कि उदयपुर, अजमेर, बीकानेर, जोधपुर, भरतपुर और कोटा में क्षेत्रीय फॉरेंसिक साइंस लैब में साइबर फॉरेंसिक डिवीजन स्थापित किए जाएंगे। जोधपुर, जयपुर, अलवर और उदयपुर में 1,200 करोड़ रुपये की लागत से नए केंद्रीय कारागृह भवन बनाए जाएंगे। विभिन्न जेलों में आधुनिक मुलाकात कक्ष बनाए जाएंगे तथा 7 जिला कारागृहों में एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाएंगी। 100 पुलिस थानों में महिला बैरक विकसित की जाएंगी और शहरी होमगार्ड स्वयंसेवकों की संख्या में 5,000 की वृद्धि की जाएगी।
न्यायिक ढांचे का विस्तार
बजट में की गई घोषणा के अनुसार राज्य में कई स्थानों पर नए सिविल, सत्र और विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। एनडीपीएस और एनआई एक्ट के तहत विशेष न्यायालय भी खोले जाएंगे। न्यायालयों की आधारभूत संरचना पर 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राज्य एवं जिला उपभोक्ता आयोगों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा दी जाएगी तथा 15 अभियोजन कार्यालयों के लिए नए भवन बनाए जाएंगे।
