सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर राजस्थान हाईकोर्ट की शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार

Monday, Feb 02, 2026-08:30 PM (IST)

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत के आदेश की पालना में प्रमुख शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल और शिक्षा निदेशक सीताराम जाट अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। स्वप्रेरित प्रसंज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि विभाग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ—जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन—ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “आपने जो रिपोर्ट पेश की है, वह कागजों में कुछ और है, जबकि धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है।” अदालत ने कहा कि अब समय बदल गया है और सच्चाई छुपाई नहीं जा सकती—“अब पेड़ भी गवाह देने यहां आते हैं।”

कोर्ट ने बेहद गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि “हम बच्चों और समाज को जवाब नहीं दे पा रहे हैं।” अदालत ने खास तौर पर बालिकाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्कूलों में शौचालय और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चियां दिन भर पानी तक नहीं पीतीं, ताकि उन्हें टॉयलेट न जाना पड़े। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि “राजनेता केवल ट्रांसफर-पोस्टिंग पर ध्यान देते हैं, लेकिन बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं है।”


Content Editor

Kuldeep Kundara

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