ऑपरेशन शटरडाउन: झालावाड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 51 साइबर ठग गिरफ्तार, करोड़ों की संपत्ति कुर्की की तैयारी
Thursday, Feb 26, 2026-08:05 PM (IST)
जयपुर। झालावाड़ पुलिस ने साइबर अपराधियों और सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑपरेशन शटरडाउन के तहत पुलिस ने न केवल 51 शातिर ठगों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़े किए गए साम्राज्य को कुर्क करने के लिए न्यायालय में आवेदन कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि यह गिरोह केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं जैसे पीएम किसान योजना, दिव्यांग पेंशन के सिस्टम को हैक कर अपात्र लोगों के नाम जोड़कर करोड़ों का गबन कर रहा था। पुलिस ने इस सिंडिकेट के पास से बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारियों के एसएसओ आईडी, पासवर्ड और विभिन्न राज्यों के लाखों किसानों का संवेदनशील डेटा बरामद किया है।
अपराधियों की आर्थिक रीढ़ पर चोट
देश में संभवतः यह पहला मामला है जहाँ संगठित साइबर अपराध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107 का प्रभावी प्रयोग किया जा रहा है। जांच अधिकारी सीओ भवानीमंडी प्रेम कुमार ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित किया कि अपराधियों ने यह चल-अचल संपत्तियां सीधे तौर पर सरकारी धन की चोरी से अर्जित की हैं।
कुर्की की जद में आई संपत्तियों की फेहरिस्त
ई-अपराधियों ने ठगी के पैसों से आलीशान जीवनशैली विकसित कर ली थी। कुल ने कुल 33 अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट में आवेदन किया है, जिनमे -
* 22 निर्मित मकान (3 दुकानों सहित) और 03 निर्माणाधीन आलीशान कोठियां।
* 08 प्राइम लोकेशन के प्लॉट और 02 बड़ी कृषि भूमि।
* 16 लग्जरी कारें, 18 बाइक्स और 01 ट्रैक्टर।
* अवैध कमाई से स्थापित की गई 01 सीएनसी फैक्ट्री।
* 01 व्यावसायिक दुकान।
चार चरणों में चला ऑपरेशन शटरडाउन: 700 KM तक की रेड
22 अक्टूबर 2025 को शुरू हुए इस ऑपरेशन ने राजस्थान से लेकर दिल्ली, पंजाब और मध्य प्रदेश तक हड़कंप मचा दिया:
* शटरडाउन 1.0: 30 रेड टीमों ने एक साथ 18 ठिकानों पर प्रहार कर 30 आरोपियों को दबोचा और ₹52.69 लाख नकद बरामद किए।
* शटरडाउन 2.0: क्लोन वेबसाइट डेवलपर्स और नोडल ऑफिस से जुड़े 08 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
* शटरडाउन 3.0: पीएम किसान योजना और पेंशन घोटाले के मास्टरमाइंड दबोचे गए।
* शटरडाउन 4.0: इंटरनेट एक्सेस और तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले दौसा के 03 अन्य आरोपी पकड़े गए।
प्रशासनिक तालमेल
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के निर्देशन में राजस्व, पीडब्ल्यूडी और परिवहन विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर इन संपत्तियों का मूल्यांकन और रिकॉर्ड मिलान किया। मामले की गंभीरता और इसके अंतर्राज्यीय नेटवर्क को देखते हुए डीजीपी राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा ने अब इस केस का आगे का अनुसंधान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को सौंप दिया है।
