मोदी कैबिनेट के 5 बड़े फैसले: जयपुर मेट्रो समेत किसानों को सस्ती खाद और राजस्थान में मेगा प्रोजेक्ट्स की शुरुआत

Wednesday, Apr 08, 2026-08:44 PM (IST)

जयपुर। बुधवार का दिन देश के लिए एक ऐतिहासिक साबित हुआ। क्योंकि, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट मीटिंग में 5 बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों से न सिर्फ किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, और कोयला उत्पादन के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। ये फैसले कुल मिलाकर 1,74,207 करोड़ रुपये के निवेश को रास्ता दिखाएंगे, जो देश के विकास की दिशा को और तेज कर देंगे।

1. किसानों के लिए ₹41,534 करोड़ का 'सुरक्षा कवच'

खेती करने वाले किसानों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। सरकार ने खरीफ सीजन 2026 (1 अप्रैल से 30 सितंबर तक) के लिए खाद पर सब्सिडी की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी ने हमेशा किसानों के हित में काम किया है और खाद की बढ़ती कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं आने दिया है। इस बार सरकार ने ₹41,533.81 करोड़ की भारी सब्सिडी मंजूर की है, जो पिछले साल की तुलना में ₹4,317 करोड़ अधिक है। इससे किसान को खाद जैसे DAP और NPKS उर्वरक सस्ते दामों पर मिलेंगे। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर अब किसानों की जेब पर नहीं पड़ेगा।

2. जयपुर मेट्रो फेज-2 की शुरूआत
जयपुर को एक और ऐतिहासिक सौगात मिली है। सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य शहर के यातायात को और बेहतर बनाना है। इस फेज-2 में 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 36 स्टेशन होंगे। यह मेट्रो सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआईए, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड और एसएमएस हॉस्पिटल जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट पर ₹13,037.66 करोड़ खर्च होंगे और इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना के बाद, जयपुर मेट्रो में रोजाना यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे प्रदूषण कम होगा और यातायात की समस्या हल होगी।

3. बाड़मेर रिफाइनरी के लिए ₹79,459 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
राजस्थान की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने एक और बड़ी पहल की है। राजस्थान में HPCL की रिफाइनरी परियोजना के लिए ₹79,459 करोड़ का निवेश मंजूर किया गया है। यह रिफाइनरी सालाना 9 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) तेल रिफाइन करेगी। इस प्रोजेक्ट से राज्य और केंद्र सरकार को लगभग ₹21,000 करोड़ का रेवेन्यू मिलेगा। इससे राजस्थान के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

4. कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट
ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए सरकार ने कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर ₹26,070 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए साफ और हरित ऊर्जा पैदा करेगी। इसके अलावा, यह बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में भी सहायक साबित होगी, जिससे देश में ऊर्जा संकट की संभावना कम होगी।

5. कोयला क्षेत्र में भारत की ताकत
कोयला मंत्रालय ने भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक अहम घोषणा की। जॉइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार कस्सी ने बताया कि भारत के पास कोयले का कोई संकट नहीं है और फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश ने 200 मिलियन टन से ज्यादा कोयला उत्पादन और डिस्पैच किया है। इसके अलावा, कोयला उत्पादन में 88% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो भारतीय कोयला उद्योग की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

इन सभी फैसलों से यह साफ है कि सरकार का फोकस देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और विकास की गति को तेज करना है। जहां एक ओर किसानों को खाद की महंगाई से राहत मिलेगी, वहीं जयपुर मेट्रो, राजस्थान रिफाइनरी जैसे प्रोजेक्ट्स से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा। इसके अलावा, ऊर्जा और कोयला क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी बल मिलेगा। इन फैसलों से आने वाले समय में भारत के विकास की गति और तेज होगी।


Content Editor

Anil Jangid

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