जयपुर में बड़ा ई-कॉमर्स फ्रॉड: फर्जी अकाउंट से ऑर्डर कर नकली सामान लौटाया, व्यापारी को 1.79 करोड़ का नुकसान!
Sunday, Apr 12, 2026-11:52 AM (IST)
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बड़ा ई-कॉमर्स फ्रॉड सामने आया है, जिसमें शातिर आरोपियों ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट का दुरुपयोग करते हुए एक व्यापारी को करीब 1.79 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया।
यह मामला तब सामने आया जब व्यापारी के वेयरहाउस की ऑडिट रिपोर्ट में बड़े स्तर पर गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ फ्रॉड?
पीड़ित चंद्र प्रकाश सिंह (53) के अनुसार, उनका अजयराजपुरा-कलवाड़ा क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक सामान का वेयरहाउस है, जहां से मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट जैसे महंगे उत्पाद ऑनलाइन बेचे जाते हैं।
आरोपियों ने नवंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 52 अलग-अलग फर्जी अकाउंट बनाकर महंगे प्रोडक्ट्स ऑर्डर किए। इन अकाउंट्स के जरिए खासतौर पर एप्पल, सैमसंग और लेनोवो के हाई-प्रिमियम उत्पाद मंगवाए गए।
डिलीवरी के बाद आरोपी पैकेज खोलकर असली प्रोडक्ट निकाल लेते थे और उसकी जगह नकली या सस्ता सामान पैक कर रिटर्न कर देते थे। इस सुनियोजित तरीके से चार महीनों में व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
ऑडिट में हुआ खुलासा
व्यापारी ने बताया कि वेयरहाउस में नियमित ऑडिट के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध रिटर्न सामने आए। जांच में पता चला कि कई महंगे उत्पादों की जगह नकली सामान वापस आया है।
इसके बाद आर्थिक सलाहकार से राय लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर केस दर्ज हुआ।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच कर रही पुलिस टीम के अनुसार, यह एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का काम हो सकता है। थाना प्रभारी उदय सिंह शेखावत ने बताया कि पुलिस फर्जी अकाउंट्स की लोकेशन, आईपी एड्रेस, डिलीवरी एड्रेस और पैकेजिंग चेन की गहन जांच कर रही है।
पुलिस यह भी मान रही है कि यह गिरोह देश के किसी भी हिस्से से ऑपरेट हो सकता है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फ्रॉड ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। नकली रिटर्न के जरिए कंपनियों और व्यापारियों को भारी नुकसान होता है, जिससे व्यापार की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।
क्या सावधानी जरूरी?
- डिलीवरी और रिटर्न प्रक्रिया को और मजबूत करना
- पैकेजिंग और अनबॉक्सिंग की निगरानी बढ़ाना
- संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान के लिए तकनीकी सिस्टम विकसित करना
निष्कर्ष
जयपुर का यह मामला दिखाता है कि डिजिटल युग में साइबर अपराध किस तरह नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में ई-कॉमर्स कंपनियों और व्यापारियों को सतर्क रहने के साथ-साथ सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना होगा।
पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
