राजस्थान में साइबर ठगी पर बड़ा वार: CM भजनलाल शर्मा का R4C सेंटर लॉन्च, AI फ्रॉड पर लगेगा ब्रेक
Tuesday, Apr 07, 2026-05:36 PM (IST)
राजस्थान में तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर (R4C) बनाने की घोषणा की है। यह सेंटर साइबर अपराधों पर तेजी से लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट जयदीप दत्ता के मुताबिक, आज साइबर ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। अब वॉइस नोट, कॉल और AI आधारित तकनीकों के जरिए लोगों को आसानी से झांसे में लिया जा रहा है। ऐसे में R4C जैसे एकीकृत प्लेटफॉर्म की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
एक ही छत के नीचे होगी पूरी कार्रवाई
R4C की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें पुलिस, बैंक और टेक्निकल टीम एक साथ काम करेंगी। जैसे ही कोई साइबर ठगी की शिकायत मिलेगी, तुरंत तीन स्तर पर एक्शन शुरू हो जाएगा—
टेक्निकल टीम ठग की लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट ट्रेस करेगी, बैंक अधिकारी संबंधित खाते को तुरंत फ्रीज करेंगे,
पुलिस टीम FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी, इस मॉडल से न सिर्फ अपराधियों पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि ठगी की रकम रिकवर होने की संभावना भी काफी बढ़ जाएगी।
275 लोगों की टीम, IG स्तर का नेतृत्व
इस सेंटर की कमान IG रैंक के अधिकारी के हाथ में होगी। उनके साथ 1 DIG, 4 SP, 5 ASP, 7 DSP, 8 इंस्पेक्टर और 7 टेक्निकल एक्सपर्ट की टीम तैनात रहेगी। कुल 275 कार्मिक 24×7 एक्टिव रहेंगे, ताकि किसी भी समय आने वाली शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
AI: सुविधा भी, खतरा भी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जहां काम को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधों को भी नया रूप दिया है। कई कंपनियां एडवांस स्किल्स पर फोकस कर रही हैं, जिससे पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ रहा है। दूसरी ओर, यही AI अब साइबर ठगों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। वॉइस क्लोनिंग और ऑटोमेशन के जरिए ठग लोगों को आसानी से फंसा रहे हैं।
वॉइस नोट और OTP से रहें सावधान
विशेषज्ञों के अनुसार- अनजान नंबर से आए वॉइस नोट या लिंक को ओपन न करें, बिना जांचे OTP कभी शेयर न करें, AI अब आपकी आवाज तक कॉपी कर सकता है, एक छोटी सी लापरवाही आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
AI पॉलिसी और स्पेशल फोर्स भी तैयार
हाल ही में राज्य सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में नई AI पॉलिसी लॉन्च की है। इसके तहत साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से निपटने के लिए स्पेशल फोर्स बनाई जा रही है, जिसमें पुलिस, बैंकिंग और टेक्निकल एक्सपर्ट शामिल होंगे।
R4C के बनने से राजस्थान में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई संभव होगी। टेक्नोलॉजी, बैंक और पुलिस के एक साथ आने से अब ठगों के लिए बच निकलना मुश्किल होगा और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
