विकसित राजस्थान @2047 का खाका पेश करता है बजट : जोगाराम पटेल
Wednesday, Feb 18, 2026-12:56 PM (IST)
जयपुर। Rajasthan की 16वीं विधानसभा का पंचम सत्र जारी है। मंगलवार को विधानसभा परिसर में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रस्तुत बजट किसी प्रकार की लोकलुभावन घोषणाओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के स्थायी एवं समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा में बजट पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने विस्तृत चर्चा की। आलोचना और समालोचना के बीच वित्त मंत्री ने सभी प्रश्नों और आरोपों का तथ्यों के आधार पर बिंदुवार उत्तर दिया। पटेल ने कहा कि वर्ष 2047, जब देश स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण करेगा, उस समय तक राजस्थान को समृद्ध, विकसित और अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य इस बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ गंभीर आरोप तथ्यहीन और भ्रामक हैं। उन्होंने स्मरण कराया कि राज्य में गो-संरक्षण हेतु सर्वप्रथम वर्ष 1995 में भैरों सिंह शेखावत के नेतृत्व में कानून लाया गया था। वर्तमान सरकार भी गो-संरक्षण और कानून-व्यवस्था के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पहली बार काश्तकारों की दीर्घकालीन समस्या का समाधान किया गया है। अनेक स्थानों पर खातेदारी भूमि और सड़क के बीच सरकारी भूमि होने से किसानों को अपनी भूमि तक पहुंचने में कठिनाई होती थी। अब ऐसी स्थिति में डीएलसी की दुगुनी दर से राशि जमा कराने पर 20 फीट चौड़ा मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख जोजरी नदी, जो आगे लूणी नदी में मिलती है और पचपदरा व तिलवाड़ा की ओर प्रवाहित होती है, उसमें प्रदूषित जल की समस्या के समाधान के लिए पाइपलाइन के माध्यम से जल को पचपदरा तक ले जाकर रिफाइनिंग के पश्चात पुनः उपयोग में लाने हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सड़क, पेयजल, ऊर्जा और आधारभूत संरचना से जुड़ी घोषणाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट विकसित राजस्थान @2047 की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम सिद्ध होगा।
