राजस्थान बजट 2026-27: आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ता प्रदेश, विकास और वित्तीय अनुशासन पर जोर

Wednesday, Feb 11, 2026-05:08 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान सरकार का वर्ष 2026-27 का बजट डिप्टी सीएम एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में पेश किया। बजट में जहां विकास योजनाओं की बड़ी घोषणाएं की गईं, वहीं राज्य की आर्थिक स्थिति और वित्तीय प्रबंधन का विस्तृत ब्यौरा भी प्रस्तुत किया गया। सरकार ने इसे विकास, अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि का बजट बताया है।

 

वित्त मंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के अंतिम वर्ष की तुलना में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार 41.39 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2026-27 में 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये अनुमानित है। प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 के अंत तक यह 1 लाख 67 हजार रुपये से बढ़कर 2 लाख 2 हजार 349 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

 

राजकोषीय घाटे के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह 72 हजार 492 करोड़ 62 लाख रुपये है, जबकि 2026-27 के बजट अनुमान में 79 हजार 492 करोड़ 52 लाख रुपये रहने का अनुमान है। हालांकि यह GSDP के 3.69 प्रतिशत के बराबर है, जो FRBM की 3.7 प्रतिशत सीमा के भीतर है। राज्य पर ऋण एवं अन्य दायित्व GSDP के 36.8 प्रतिशत के रूप में अनुमानित हैं।

 

पूंजीगत व्यय पर विशेष फोकस करते हुए बजट में 53 हजार 978 करोड़ 41 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष से 36.9 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त राजकीय उपक्रमों द्वारा 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश बिजली, सड़क और पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं पर किया जाएगा। इस प्रकार कुल प्रभावी पूंजीगत व्यय 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहेगा।

 

राजस्व प्राप्तियां वर्ष 2026-27 में 3 लाख 25 हजार 740 करोड़ 14 लाख रुपये और राजस्व व्यय 3 लाख 50 हजार 54 करोड़ 7 लाख रुपये अनुमानित है, जिससे 24 हजार 313 करोड़ 93 लाख रुपये का राजस्व घाटा रहेगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है।

 

कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ 11 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का 11.36 प्रतिशत है। वहीं ग्रीन बजट के तहत 33 हजार 475 करोड़ 53 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर और वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसमें उद्योग और सेवा क्षेत्र का योगदान 80 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


Content Editor

Anil Jangid

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