राजस्थान बजट 2026: इन जिलों में प्रोसेसिंग यूनिट लगे तो बदल जाएगी किसानों की किस्मत
Tuesday, Feb 10, 2026-02:23 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान के खेतों में पैदा होने वाली फसलें पेट भरने का साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। चाहे बात कोटे के महकते धनिये की बात हो या सवाई माधोपुर के मीठे अमरूद की, चाहे बीकानेर की मूंगफली हो या जैसलमेर का जीरा। राज्य का हर जिला अपनी एक खास उपज के लिए पहचान रखता है। हालांकि, विडंबना ये है कि खेतों का ये सोना' आज भी प्रोसेसिंग और उद्योगों की राह ताक रहा है। अगर इन उपजों को स्थानीय स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज और बेहतर मार्केटिंग का साथ मिल जाए, तो राजस्थान 'कृषि-बिजनेस' के ग्लोबल हब के रूप में उभर सकता है।
किसानों की मेहनत को उद्योगों का साथ मिलने से न केवल किसानों की आय दोगुनी होगी, बल्कि प्रदेश के करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। 11 फरवरी को भजनलाल सरकार बजट पेश कर रही है। ऐसे में इन जिलों में प्रोसेसिंग यूनिट की बड़ी जरूरत है।
इन जिलों में प्रोसेसिंग यूनिट की उम्मीद
1. अजमेर
चनाः अजमेर में ही 50% से अधिक चने की खेती होती है।
क्या चाहिए: प्रोसेसिंग यूनिट लगे, बेसन नमकीन और दाल उद्योग।
2. अलवर
प्याजः हर साल 2 लाख क्विटल से अधिक प्याज की उपज होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट और भंडारण की व्यवस्था।
3. बारां
लहसुनः यहां पर गुणवत्ता और लंबी शेल्फ लाइफ वाला लहसुन होता है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट और स्टोरोज हथ, लहसुन का पाउडर और पेस्ट उद्योग।
4. भरतपुर
शहदः यहां पर शहद उद्योग का 300 करोड़ रुपए का टर्नओवर है।
क्या चाहिए: बाडिंग और सहकारी उपक्रम के माध्यम से मार्केटिंग।
5. भीलवाड़ा
मक्काः यहां की मक्का का खाड़ी देशों तक निर्यात होता है।
क्या चाहिएः फूड प्रोसेसिंग यूनिट, एथनॉल प्लांट।
6. बीकानेर
मूंगफलीः यहां पर एक सीजन में 1 करोड़ बोरी मूंगफली की आवक होती है।
क्या चाहिएः पीनट बटर, पाउडर, वैल्यू एडेड प्रोडेक्ट यूनिट लगे।
7. बूंदी
धानः यह धान उत्पादक जिला हैं।
क्या चाहिएः धान अनुसंधान केन्द्र।
8. चूरू
ग्वारः यहां के ग्वार की देश-विदेश में बहुत मांग है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट, बिक्री के लिए मार्केट, एमएसपी पर खरीद हो।
9. बांसवाड़ा
गन्नाः बांसवाड़ा गन्ने की खेती के लिए अनुकूल है।
क्या चाहिएः गुड़ के लिए बाजार मिले।
10. डूंगरपुर
मक्काः यहां पर 90 हजार मीट्रिक टन मक्का का उत्पादन होता है।
क्या चाहिएः एमएसपी पर खरीद हो, प्रोसेसिंग यूनिट लगे।
11. बाड़मेर
ईसबगोलः यहां पर 1.25 लाख हेक्टयर में बुवाई होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट।
12. झालावाड़
लहसुनः यह जिला लहसुन उत्पादन में प्रदेश में दूसरे नंबर पर है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट और स्टोरोज हब, पाउडर और पेस्ट उद्योग।
13. हनुमानगढ़
कपासः यहां पर उत्तम उत्पादन होता है। 1.5 लाख हेक्टेयर में खेती।
क्या चाहिएः कपास आधारित उद्योग, उपज का दाम पूरा मिले।
14. जैसलमेर
जीरा: यहां पर 30.85 प्रतिशत क्षेत्र में जीरे की पैदावार होती है।
क्या चाहिए: प्रोसिंग उद्योग, मसाला पार्क, पैकेजिंग यूनिट।
15. धौलपुर
आलूः यहां पर आलू का उत्पादन होता है, लेकिन भंडारण की व्यवस्था नहीं है।
क्या चाहिए: कोल्ड स्टोर
16. जयपुर
टमाटरः बस्सी तूंगा में करीब 400 हैक्टेयर में खेती होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट
17. झुंझुनूं
सरसों: यहां सरसों का रकबा 9.650 हैक्टेयर बढ़ा है।
क्या चाहिएः तेल मिल।
18. जोधपुर
बाजराः यहां बाजरा का खासा उत्पादन होता है।
क्या चाहिएः मंडी टैक्स की कमी हो. प्रोसेसिंग यूनिट लगे।
19. करौली
सरसोंः यहां की सरसों की अलग पहचान है।
क्या चाहिए: तेल मिल लगे।
20. कोटा
धनियांः धनिया उत्पादन में राज्य में नम्बर एक पर है।
क्या चाहिएः स्पाइस, प्रोसेसिंग यूनिट, रोडिंग और पैकेजिंग यूनिट।
21. नागौर
अश्वगंधांः नागौर की अश्वगंधा की पहचान वैश्विक स्तर पर है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट।
22. सवाईमाधोपुर
अमरूदः इसकी मिठास बेहद खास है।
क्या चाहिए: मार्केटिंग।
23. सीकर
प्याजः 4 लाख मीट्रिक टन प्याज उत्पादन प्रतिवर्ष होता है।
क्या चाहिएः ड्राई स्टोरेज बने।
24. श्रीगंगानगर
किन्नूः यह जिला देश का सबसे बड़ा और अच्छी गुणवत्ता के किन्नू हब है।
क्या चाहिए: प्रोसेसिंग यूनिट।
25. दौसा
सरसों: यहां सरसों की खेती अधिक होती है।
क्या चाहिएः प्रोसेसिंग यूनिट।
