जयपुर में साल 2011 से अब तक हटाए गए इतने मंदिर, मस्जिद, मजार और गुरूद्वारे
Monday, Jun 08, 2026-02:45 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में जगतपुरा-नंदपुरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को निर्धारित 80 फीट चौड़ा करने के लिए अभियान चलाया। इस अभियान के तहत दो मंदिर, एक मस्जिद, एक मजार और एक सत्संग भवन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब ऐसी कार्रवाई की गई है, बल्कि पहले भी ऐसा हुआ है।
आपको बता दें कि जयपुर में सड़क चौड़ीकरण और शहरी विकास परियोजनाओं के दौरान पिछले डेढ़ दशक में कई धार्मिक स्थलों पर प्रभाव पड़ा है। विभिन्न परियोजनाओं के तहत प्रशासन ने सड़क मार्गों को चौड़ा करने, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और बढ़ते शहरी दबाव को संभालने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार साल 2011 से 2026 के बीच कई छोटे-बड़े धार्मिक ढांचों को स्थानांतरित, पुनर्निर्मित या हटाया गया।
वर्ष 2011 में एमआई रोड क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान एक छोटे मंदिर को प्रभावित क्षेत्र से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद वर्ष 2014 में वैशाली नगर क्षेत्र में सड़क विस्तार और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दो छोटे मंदिरों को हटाया गया और बाद में वैकल्पिक स्थान पर पुनर्स्थापित किया गया।
वर्ष 2017 में जगतपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण एक मस्जिद प्रभावित हुई थी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उसके पुनर्निर्माण को लेकर प्रस्तावों पर चर्चा हुई। वर्ष 2019 में टोंक रोड पर एक गुरुद्वारा सड़क विस्तार परियोजना की जद में आया। प्रशासन ने इसे अस्थायी रूप से हटाकर बाद में दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की।
वर्ष 2023 में अजमेर रोड पर चल रही सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान एक छोटे मंदिर और एक मजार को प्रभावित क्षेत्र से हटाया गया। प्रशासन का तर्क था कि ये संरचनाएं प्रस्तावित सड़क विस्तार में बाधा बन रही थीं। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी हुई थी।
हाल ही में 2026 में जयपुर के जगतपुरा-नंदपुरी क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने रेलवे लाइन के समानांतर सड़क को निर्धारित 80 फीट चौड़ा करने के लिए अभियान चलाया। इस अभियान के तहत दो मंदिर, एक मस्जिद, एक मजार और एक सत्संग भवन को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की तथा कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से निलंबित कीं। अधिकारियों के अनुसार ये सभी संरचनाएं प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण क्षेत्र में आ रही थीं और पूर्व में नोटिस जारी किए जा चुके थे।
विशेषज्ञों के अनुसार जयपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में सड़क और यातायात अवसंरचना का विस्तार आवश्यक है, लेकिन इसके साथ धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलताओं का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन आमतौर पर प्रभावित धार्मिक स्थलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनाने का प्रयास करता है। ऐसे में हाल ही मे हुई जगतपुरा की कार्रवाई ने एक बार फिर शहरी विकास और धार्मिक संरचनाओं के बीच संतुलन के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
