UCC in Rajasthan : अब आसान नहीं होंगे लिव-इन रिलेशनशिप-लव मैरिज, सभी धर्मों के लोग कड़े कानून पर एकमत
Saturday, Jul 11, 2026-12:26 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में अब समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर कयावद तेज हो चली है जिसको लेकर पहली बैठक आयोजित की जा चुकी है और बैठकों का दौर आगे भी जारी रहेगा। राजस्थान समान नागरिक संहिता 2026 लागू करने को लेकर शुक्रवार को जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी धर्मों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, अधिवक्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्य और अन्य वर्गों के लोग शामिल हुए। इस बैठक में कई मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसमें हवामहल विधायक बाबा बालमुकुंद आचार्य भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया गया है।
मुस्लिम पक्ष के लोगों ने भी रखी अपनी बात
इसको लेकर बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि राज्य में समान कानून लागू करने को लेकर मांग बढ़ रही है। इस दौरान सभी धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। हालांकि विधायक ने कहा कि मुस्लिम पक्ष के लोगों ने भी अपनी बात रखी, जिसे सुनकर मैं हैरान हूं क्योंकि अगर कोई चार पत्नी रखेगा तो समर्थन नहीं होगा। इतना ही नहीं बल्कि विधायक ने यह भी कहा कि क्या कुछ लोग शरिया कानून लागू करना चाहते हैं, उन्होंने कहा कि जब देश और दुनिया आगे बढ़ रहे हैं, तब ये चाहते हैं कि कोई चार पत्नी रखेगा। एक पत्नी से कई कई बच्चे पैदा करेंगे, इस तरह की बात का कोई समर्थन नहीं होगा।
लिविंग रिलेशनशिप वैध नहीं करने की मांग
हालांकि, समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि इस पहली बैठक के दौरान सभी पक्षों से सुझाव लिए गए जिसमें सबसे बड़ी बात यह सामने आई, जिसमें मुस्लिम और हिंदू पक्ष दोनों ने यह बात रखी कि लिविंग रिलेशनशिप को वैध नहीं करना चाहिए। साथ ही यह बात भी सामने आई कि लव मैरिज माता-पिता की अनुमति से होनी चाहिए। इसको लेकर हमने सभी लोगों की बात सुनी है और अब आमजन की राय भी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि हालांकि, लगभग सभी लोग यूसीसी को लागू करने के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ बातों पर संशय भी सामने आया है। मुस्लिम पक्ष की ओर से यह उनके फैमिली लॉज और पर्सनल लॉ लेकर के बातचीत सामने आई है। ऐसे में अब सभी की बात सुनकर राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
आम नागरिकों 19 सवाल पूछे जा रहे
आपको बता दें कि राजस्थान में यूसीसी लागू करने को लेकर आम नागरिकों 19 सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनमें अधिकतर लोगों ने लिव इन रिलेशनशिप पर कठोर कानून बनाने के साथ ही लव मैरिज भी लड़के—लड़की के माता—पिता की रजामंदी से ही करने को लेकर कानून बनाने को लेकर अपनी राय रखी। हालांकि, यूसीसी को लेकर बैठकों का दौर अभी जारी रहेगा, जिसके बाद ये सभी सुझाव राज्य सरकार के पास भेजे जाएंगे जिसके बाद कानून लागू करने को लेकर आगे की कयावद शुरू की जाएगी।
