राजस्थान रोडवेज की नई ट्रांसफर पॉलिसी: किडनी-लीवर दान करने वाले कर्मचारियों को मिलेगी पहली प्राथमिकता
Monday, Jun 29, 2026-11:40 AM (IST)
जयपुर। राजस्थान में इस समय सरकारी विभागों में तबादलों का दौर जारी है। कर्मचारी अपनी पसंदीदा जगह पर स्थानांतरण करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच राजस्थान रोडवेज ने कर्मचारियों के लिए एक नई और अनोखी ट्रांसफर पॉलिसी लागू की है, जिसकी चर्चा पूरे राज्य में हो रही है। इस नई नीति में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी विशेष महत्व दिया गया है।
राजस्थान रोडवेज बोर्ड की बैठक में इस नई ट्रांसफर नीति को मंजूरी मिलने के बाद इसे आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों के तबादलों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है। बार-बार होने वाले स्थानांतरण पर रोक लगाने के लिए महत्वपूर्ण नियम बनाया गया है कि यदि किसी कर्मचारी का एक बार किसी स्थान से तबादला हो जाता है, तो उसे अगले दो वर्षों तक उसी स्थान पर दोबारा नियुक्त नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक प्रशासनिक फेरबदल और राजनीतिक सिफारिशों पर अंकुश लगाना है।
नई ट्रांसफर पॉलिसी का सबसे खास और चर्चित प्रावधान अंगदान करने वाले कर्मचारियों से जुड़ा है। राजस्थान रोडवेज ने सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने और अंगदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जो कर्मचारी किडनी या लीवर का दान करेंगे, उन्हें अंगदान के बाद अगले तीन वर्षों तक अपनी पसंद के स्थान पर तबादले में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह फैसला अंगदान को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ऐसे कर्मचारियों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी प्रयास है।
इसके अलावा गंभीर और असाध्य बीमारियों से जूझ रहे कर्मचारियों को भी स्थानांतरण में विशेष प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे कर्मचारियों को उनके उपचार और पारिवारिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए राहत मिलनी चाहिए।
नई नीति में कई अन्य विशेष श्रेणियों के कर्मचारियों को भी राहत प्रदान की गई है। दिव्यांग कर्मचारियों, विधवा महिलाओं, एकल महिलाओं, परित्यक्ता महिलाओं तथा विधुर पुरुष कर्मचारियों को गृह जिले या उनके लिए सुविधाजनक स्थान पर नियुक्ति देने में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा या एक ही सेवा में कार्यरत हैं और अलग-अलग जिलों में तैनात हैं, तो उन्हें भी यथासंभव एक ही स्थान या निकटवर्ती स्थान पर नियुक्ति देने का प्रयास किया जाएगा।
राजस्थान रोडवेज का कहना है कि इस नई ट्रांसफर पॉलिसी का उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है। माना जा रहा है कि इस फैसले से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और ट्रांसफर प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक निष्पक्ष और व्यवस्थित बन सकेगी। वहीं, अंगदान को प्रोत्साहन देने वाला यह कदम सामाजिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
