राजस्थान: तबादला बैन न हटने से भड़के थर्ड ग्रेड शिक्षक, 25 जून को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन की तैयारी

Monday, Jun 22, 2026-01:56 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान में थर्ड ग्रेड शिक्षकों ने तबादला नीति से बाहर रखे जाने और वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी तेज कर दी है। प्रदेश के करीब 1.22 लाख ग्रेड थर्ड शिक्षक अपनी मांगों को लेकर अब 25 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

 

शिक्षक संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा 5 जुलाई तक के लिए घोषित तबादला प्रतिबंध में ग्रेड थर्ड शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया है, जिससे उन्हें लगातार स्थानांतरण की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, पिछले लगभग छह वर्षों से उनकी पदोन्नति प्रक्रिया भी न्यायिक अड़चनों के कारण अटकी हुई है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

 

राजस्थान शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष उपेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार की नीति से ग्रेड थर्ड शिक्षकों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पदोन्नति को लेकर सरकार कोर्ट में प्रभावी पैरवी नहीं कर रही, जिसके कारण हजारों शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

 

वहीं अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान के पदाधिकारियों ने भी सरकार से शीघ्र तबादला नीति लागू करने और ग्रेड थर्ड शिक्षकों को भी इसमें शामिल करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि हाल ही में शिक्षा मंत्री के साथ हुई वार्ता में तबादला नीति और पदोन्नति पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

 

शिक्षक संगठनों के अनुसार, वर्ष 2018 के बाद से ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले पूरी तरह बंद हैं, जिससे हजारों शिक्षक दूरदराज जिलों में फंसे हुए हैं और वर्षों से गृह जिलों में लौटने का इंतजार कर रहे हैं। कुछ शिक्षक तो 10 से 15 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं।

 

इसके अलावा लगभग 32 हजार शिक्षकों की पदोन्नति भी अटकी हुई है, जिससे वे वरिष्ठ शिक्षक पद पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। संगठनों का कहना है कि यदि समय पर पदोन्नति हो जाती तो तबादला नीति का लाभ भी स्वतः मिल जाता।

 

शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। 25 जून को होने वाले प्रदर्शन को प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत माना जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।


Content Editor

Anil Jangid

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