गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर राजस्थान में ''समरसता संकल्प अभियान'' का शुभारंभ, 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना हुई रथयात्रा
Wednesday, Aug 05, 2026-05:50 PM (IST)
जयपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में बुधवार को जयपुर में प्रदेश स्तरीय 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अभियान के राष्ट्रीय संयोजक एवं भाजपा एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित संत-महात्माओं और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन रज के कलश वाली रथयात्राओं को राजस्थान की 25 लोकसभा क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
अभियान के तहत ये रथ प्रत्येक लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचकर सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास के विचारों का संदेश देंगे।
CM भजनलाल शर्मा बोले- संत रविदास ने समाज को एक सूत्र में पिरोया
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने हमेशा राष्ट्र और समाज को दिशा देने का काम किया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास ने समानता, भाईचारे, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देकर समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से गुरु रविदास की पावन रज के कलश प्रदेश के 1138 मंडलों और गांवों तक पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति जाति-पाति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण की भावना है। संत रविदास की 'बेगमपुरा' की कल्पना समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित समाज का आदर्श प्रस्तुत करती है।
लाल सिंह आर्य बोले- 'जाति-पाति पूछे न कोई' सामाजिक समरसता का मूल मंत्र
अभियान के राष्ट्रीय संयोजक लाल सिंह आर्य ने बताया कि समरसता संकल्प अभियान की शुरुआत 29 जुलाई से हुई है और यह 20 फरवरी तक पांच चरणों में संचालित होगा।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास की जन्मस्थली से लाई गई पावन रज के कलश प्रदेश के प्रत्येक जिले, लोकसभा, विधानसभा, मंडल और गांव-ढाणी तक पहुंचेंगे। इस दौरान समरसता संकल्प यात्राएं, संत सम्मान कार्यक्रम, छात्र संवाद और सामाजिक जागरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
आर्य ने कहा कि संत रविदास का प्रसिद्ध संदेश 'जाति-पाति पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई' सामाजिक समरसता का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि यह संदेश समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर एकता और सद्भाव का मार्ग दिखाता है।
मदन राठौड़ बोले- जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर समानता का दिया संदेश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि संत रविदास ने करीब 650 वर्ष पहले समाज को समरसता, समानता और कर्मप्रधान जीवन का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि संत रविदास ने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को समान दृष्टि से देखने और कर्म को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा दी। राठौड़ ने विश्वास जताया कि समरसता संकल्प अभियान के तहत निकलने वाले रथ सामाजिक समरसता, सद्भाव और एकता का संदेश प्रदेशभर में पहुंचाएंगे।
बैरवा और दिया कुमारी ने भी किया अभियान से जुड़ने का आह्वान
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समरसता का वास्तविक अर्थ दूसरे के सम्मान में अपना सम्मान देखना है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि संत रविदास के आदर्श आज भी समाज को समानता, सद्भाव और आत्मीयता के सूत्र में बांधने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और संत रविदास के सिद्धांतों को जनजीवन में उतारने का आह्वान किया।
अभियान के प्रदेश संयोजक भूपेंद्र सैनी ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में रथ एक दिन प्रवास करेगा और स्थानीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, कैलाश मेघवाल, डॉ. मिथिलेश गौतम, विधायक अनिता भदेल, प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल, एससी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष निहालचंद मेघवाल सहित प्रदेशभर से आए पदाधिकारी, मंत्री, लोकसभा स्तर के प्रभारी, जिलाध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
