जयपुर में JDA का बड़ा एक्शन: 15 बीघा भूमि पर बनी दो अवैध कॉलोनियां ध्वस्त, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
Wednesday, Aug 05, 2026-04:27 PM (IST)
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भ्रष्टाचार, अतिक्रमण और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सोमवार को अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन दस्ते ने करीब 15 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा शहर में जीरो सेटबैक और टीनशेड के जरिए किए गए अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर यह कार्रवाई जोन-12, जोन-24 और जोन-सी के क्षेत्रों में की गई।
10 बीघा में बसाई जा रही 'विराज एन्कलेव' अवैध कॉलोनी ध्वस्त
उप महानिरीक्षक पुलिस आनंद शर्मा ने बताया कि ग्राम पिथावास, हाथोज में करीब 10 बीघा निजी खातेदारी कृषि भूमि पर बिना JDA की स्वीकृति और बिना भूमि रूपांतरण कर 'विराज एन्कलेव' नाम से अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
यहां मिट्टी-ग्रेवल की सड़कें, सीमेंट ब्लॉक की बाउंड्रीवाल और अन्य निर्माण किए जा चुके थे। सूचना मिलने पर प्रवर्तन दस्ते ने जेसीबी और मजदूरों की मदद से पूरी कॉलोनी को प्रारंभिक स्तर पर ही ध्वस्त कर दिया। JDA ने स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण में हुए खर्च की वसूली संबंधित लोगों से नियमानुसार की जाएगी।
नायला रोड पर 5 बीघा में विकसित हो रही कॉलोनी भी हटाई गई
इसी तरह नायला रोड स्थित ग्राम हरध्यानपुरा में करीब 5 बीघा कृषि भूमि पर बिना स्वीकृति बनाई जा रही अवैध कॉलोनी पर भी कार्रवाई की गई। यहां बनाई गई सड़कें, बाउंड्रीवाल और अन्य अवैध निर्माणों को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर कॉलोनी बसाने के प्रयास को विफल कर दिया गया।
महावीर नगर और सूर्य नगर में भी अवैध निर्माण हटाए
JDA ने टोंक रोड स्थित महावीर नगर के प्लॉट नंबर 592 पर जीरो सेटबैक कवर कर किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया। संबंधित निर्माणकर्ता को पहले नोटिस जारी किया गया था, लेकिन निर्माण नहीं हटाने पर कार्रवाई की गई।
वहीं सूर्य नगर के प्लॉट नंबर 433A पर टॉप फ्लोर पर बनाए गए टीनशेडनुमा अवैध निर्माण को भी मजदूरों की सहायता से हटाया गया।
JDA की अपील: अवैध निर्माण की तुरंत दें सूचना
JDA ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण, कब्जा या अतिक्रमण दिखाई दे तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम, राजस्थान संपर्क पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर या ईमेल के माध्यम से दें, ताकि ऐसे मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
प्राधिकरण ने कहा कि शहर में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
