जयपुर में विदेशी पर्यटिका से छेड़छाड़, पांच युवकों ने हाथ पकड़कर की अश्लील हरकत की कोशिश
Monday, Apr 06, 2026-04:15 PM (IST)
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे अपनी शाही मेहमाननवाजी और ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा के लिए जाना जाता है, एक बार फिर एक शर्मनाक घटना के कारण सुर्खियों में है। आमेर स्थित जयगढ़ किले के पास एक जापानी महिला पर्यटक के साथ पांच युवकों द्वारा छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की कोशिश का मामला सामने आया है। यह घटना विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
जानकारी के अनुसार, जापान से आई महिला सुबह करीब 8:55 बजे गणेश मंदिर की ओर जा रही थी। इसी दौरान सुनसान पहाड़ी रास्ते पर पांच अज्ञात युवकों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। महिला का आरोप है कि युवकों ने उसका हाथ पकड़कर अश्लील हरकत करने की कोशिश की।
महिला ने घबराने के बजाय जोर-जोर से शोर मचाया, जिससे पास मौजूद सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए। सुरक्षाकर्मियों को आते देख आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर आमेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए। फुटेज में पांच संदिग्ध युवक पहाड़ी से नीचे उतरते हुए दिखाई दे रहे हैं।
आमेर थाना के SHO गौतम डोटासरा के अनुसार, पुलिस इन फुटेज के आधार पर स्थानीय बदमाशों और संदिग्ध गाइडों का रिकॉर्ड खंगाल रही है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।
यह घटना जयपुर में विदेशी महिलाओं के साथ बदसलूकी की कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले जलमहल पर भी एक विदेशी महिला के साथ सेल्फी के बहाने छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। बीकानेर में कुछ महीने पहले एक विदेशी महिला के साथ रेप की वारदात हुई थी। इसके अलावा जयपुर में एक ऑटो चालक ने विदेशी महिला को गालियां दीं और उसका वीडियो वायरल हुआ था।
इन लगातार घटनाओं से राजस्थान के पर्यटन उद्योग और राज्य की अंतरराष्ट्रीय छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सुरक्षा की कमी और पर्यटकों की सुरक्षा के कमजोर इंतजामों के कारण सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सबसे अधिक राजस्व देने वाले पर्यटन क्षेत्रों में यह स्थिति क्यों बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी पर्यटकों के भरोसे और राज्य के पर्यटन उद्योग की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है। जयपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी और गाइड/स्थानीय स्टाफ पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करना अत्यंत जरूरी है ताकि पर्यटक सुरक्षित महसूस कर सकें और राज्य की पर्यटन प्रतिष्ठा बनी रहे।
