अधर में लटका नंदपुरी भारू मार्ग प्रोजेक्ट, जयपुर में इंटरनेट बंद कर JDA ने ढहाए थे मकान
Thursday, Jun 11, 2026-02:08 PM (IST)
जयपुर: जयपुर के खो नागोरियन में बेहद चर्चित और महत्वाकांक्षी भारू मार्ग चौड़ीकरण प्रोजेक्ट एक बार फिर कानूनी दांव-पेंच के भंवर में फंस गया है। हाल ही में जेडीए द्वारा जिस सड़क को चौड़ा करने के लिए भारी पुलिस अमला तैनात किया था और एहतियातन मोबाइल इंटरनेट तक बंद किया गया था, वहां अब अचानक बुलडोजरों के पहिए थम गए हैं। दरअसल, मलबे के ढेर और भारी विरोध के बीच बचे हुए करीब 9 संपत्ति मालिकों ने अदालत पहुंचकर स्टे ऑर्डर ले लिया है। ऐसे में अदालत इस आदेश के बाद जेडीए को अपना तोड़फोड़ अभियान तुरंत रोकना पड़ा है, जिससे पूरे प्रोजेक्ट के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
खो नागोरियन के भारू मार्ग पर थमी इस कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों के जख्मों को एक बार फिर हरा कर दिया है। दरअसल, नंदपुरी कॉलोनी के लोग इस घटनाक्रम को देखकर सहमे हुए हैं, क्योंकि उन्हें अप्रैल 2025 का वो नजारा याद आ गया है जब जेडीए ने लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह मार्ग को चौड़ा करने के लिए अभियान चलाया था। उस वक्त जेडीए ने एक बड़ा अभियान चलाकर करीब 274 निर्माणों को तोड़ा था। लेकिन, ठीक इसी तरह 11 संपत्ति मालिकों ने कोर्ट से स्टे ले लिया। जिसके बाद अभी तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। वह सड़क आज तक चौड़ी नहीं हो सकी। जब तक कोर्ट से राहत नहीं मिलती और बचे हुए निर्माण नहीं हटाए जाते, तब तक सड़क की चौड़ाई बढ़ाना मुमकिन नहीं है। जेडीए की इस आधी-अधूरी कार्रवाई से वो लोग ज्यादा आक्रोशित हैं जिनके आशियाने और दुकानें उजाड़ दी गईं।
आपको बता दें कि फिलहाल नंदपुरी इलाके में हुई तोड़ फोड़ के मलबे को हटाने का काम तो चल रहा है, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद जेडीए प्रशासन नए सिरे से किसी भी निर्माण को हाथ नहीं लगा पा रहा। जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, अब सारी उम्मीदें अदालत की अगली सुनवाई पर टिक गई हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले हफ्ते होने वाली सुनवाई में कोर्ट उन्हें हरी झंडी देगा, जिसके बाद बचे हुए निर्माणों को हटाकर सड़क को जल्द से जल्द चौड़ा किया जा सके। धन्यवाद।
