आस्था और जुगाड़ का अनोखा संगम, कांवड़ यात्रा 2026 में M-Seal बनी ‘गुमनाम साथी’
Tuesday, Aug 18, 2026-04:54 PM (IST)
जयपुर। कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं ने कठिन रास्तों और मानसून के बीच भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की यात्रा पूरी की। इस दौरान जहां पुलिस, प्रशासन और सरकारों की व्यवस्थाएं चर्चा में रहीं, वहीं रोजमर्रा की जरूरतों में काम आने वाली एक चीज ने भी कांवड़ियों के बीच अपनी उपयोगिता साबित की—M-Seal।
जयपुर के राजन रस्तोगी और सज्जन शर्मा के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु हरिद्वार, गौमुख या सुल्तानगंज जैसे तीर्थस्थलों से पवित्र जल लेकर अपने स्थानीय शिव मंदिरों तक पहुंचते हैं। इस यात्रा में गंगाजल के पात्र को जमीन पर न रखने और जल को छलकने से बचाने जैसी मान्यताओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।
कांवड़ में ‘जुगाड़’ के काम आया सीलेंट
कांवड़ यात्रा के दौरान लंबे पैदल सफर, बारिश और उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण कांवड़ की सजावट, बांस के ढांचे, कलश या जल पात्र में छोटी-मोटी टूट-फूट हो सकती है। ऐसे समय में श्रद्धालु तत्काल मरम्मत के लिए उपलब्ध साधनों का इस्तेमाल करते हैं।
बताया गया कि कुछ कांवड़ियों ने M-Seal का इस्तेमाल प्लास्टिक और धातु के जल पात्रों के ढक्कनों तथा जोड़ को मजबूत करने के लिए किया। इसका उद्देश्य रिसाव को रोकना और यात्रा के दौरान पात्र को सुरक्षित रखना था।
दुकानों और रास्तों पर आसानी से उपलब्ध
यात्रा के दौरान M-Seal जैसे उत्पाद सामान्य किराना दुकानों, जनरल स्टोर, सड़क किनारे के ढाबों, थोक बाजारों और परिवहन केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध रहे। यही वजह रही कि जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों के लिए तत्काल मरम्मत का एक विकल्प मौजूद रहा।
आमतौर पर प्लंबिंग रिपेयर और औद्योगिक रिसाव रोकने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह एपॉक्सी कंपाउंड कांवड़ यात्रा के दौरान छोटे-मोटे ‘जुगाड़’ में भी उपयोग किया गया। इस तरह तकनीक और आस्था का यह मेल यात्रा की व्यावहारिक जरूरतों का हिस्सा बन गया।
आस्था के साथ जरूरी है यात्रा की तैयारी
कांवड़ यात्रा जैसी लंबी धार्मिक यात्राओं में श्रद्धालु अपने साथ जरूरी सामान और आपातकालीन मरम्मत के साधन रखते हैं। मानसून के दौरान बारिश, फिसलन और लंबे पैदल सफर को देखते हुए कांवड़ की संरचना और जल पात्र की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
कांवड़ यात्रा 2026 में आस्था के साथ ऐसे छोटे-छोटे जुगाड़ भी देखने को मिले, जिन्होंने श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान बनाने में भूमिका निभाई। हालांकि किसी भी सीलेंट या रिपेयर उत्पाद का इस्तेमाल करते समय उसके पैकेज पर दिए गए निर्देशों और उपयुक्त उपयोग का ध्यान रखना जरूरी है।
