राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में फोक और समकालीन कला का अनूठा संगम, देशभर के 20 कलाकार होंगे शामिल

Sunday, May 31, 2026-04:08 PM (IST)

जयपुर, 1 जून 2026। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में 1 से 5 जून तक आयोजित होने जा रहे “फोक एंड कंटेम्परेरी आर्ट कैंप” में देश के 14 राज्यों से आए 20 प्रतिष्ठित कलाकार भारतीय लोक, पारंपरिक, जनजातीय और समकालीन कला की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करेंगे। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (WZCC), उदयपुर और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह पांच दिवसीय कला शिविर भारतीय कला परंपराओं और आधुनिक कला के बीच संवाद स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

इस कला शिविर में 10 समकालीन कलाकार और 10 लोक एवं पारंपरिक कला विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य सदियों पुरानी भारतीय कला विरासत को समकालीन दृष्टिकोण और नई प्रयोगधर्मिता के साथ जोड़ना है, ताकि कला प्रेमियों और नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया जा सके।

शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें कई ऐसी कला परंपराओं को प्रदर्शित किया जाएगा, जिनके बारे में आम दर्शकों ने पहले कभी नहीं सुना या देखा होगा। आगंतुक कलाकारों को लाइव कला सृजन करते हुए देख सकेंगे और उनकी तकनीकों एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।

कैंप में पद्मश्री सम्मानित कलाकार परेश राठवा (पिथोरा कला), दुलारी देवी (मधुबनी कला) और राजस्थान के प्रसिद्ध मुगल मिनिएचर कलाकार शाकिर अली विशेष आकर्षण होंगे। इसके अलावा गोंड कला की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ा रहे प्रसिद्ध कलाकार मयंक श्याम भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

समकालीन कला वर्ग में सुब्रत मंडल, नंदलाल ठाकुर, मुरली चीरोथ, पी.सी. किशन, चरण शर्मा, दिलीप शर्मा, प्रमोद आर्य, रामगोपाल खुमावत, केतकी राय चौधरी और डॉ. चन्द्रशेखर सैन जैसे प्रतिष्ठित कलाकार भाग ले रहे हैं। वहीं लोक एवं पारंपरिक कला पक्ष में समुद्र सिंह खंगारोत, खगेन गोस्वामी, भास्कर चित्रकार, नाजिदा खातून और बब्बन पाल सहित कई कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैलियों का प्रदर्शन करेंगे।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की संकल्पना और क्यूरेशन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर की क्यूरेटर निकहत अंसारी ने किया है। वहीं पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन दलवी और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक एन.सी. गोयल के नेतृत्व में इस आयोजन को आकार दिया गया है।

गर्मी की छुट्टियों के दौरान आयोजित यह कला शिविर बच्चों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कला प्रेमियों और परिवारों के लिए भारतीय कला की हजारों वर्षों पुरानी विरासत को करीब से देखने और समझने का एक विशेष अवसर प्रदान करेगा। आयोजकों ने सभी कला प्रेमियों से इस अनूठे कला संगम में शामिल होने का आह्वान किया है।


Content Editor

Sourabh Dubey

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