जोधपुर में मिर्धा परिवार का जमीनी विवाद थाने पहुंचा, डॉ. ज्योति मिर्धा ने चचेरे भाई समेत 12 लोगों पर दर्ज कराया मामला
Friday, Jan 16, 2026-01:15 PM (IST)
जोधपुर। राजनीतिक रूप से चर्चित मिर्धा परिवार का आपसी जमीनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म हाउस की जमीन को लेकर पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने अपने चचेरे भाई मनीष मिर्धा सहित 10–12 अन्य लोगों के खिलाफ प्रताप नगर थाने में मामला दर्ज कराया है। यह रिपोर्ट 14 जनवरी को डॉ. मिर्धा के प्रतिनिधि द्वारा दी गई, जिसके बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच प्रताप नगर थानाधिकारी भवानी सिंह राठौड़ कर रहे हैं।
मिर्धा फार्म हाउस की जमीन को लेकर विवाद
जयपुर के सिरसी रोड निवासी प्रेम प्रकाश ने थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम सूथला में खसरा नंबर 76, 77, 80, 82 और 90 की कुल भूमि पर बना मिर्धा फार्म हाउस डॉ. ज्योति मिर्धा और हेमस्वेता मिर्धा के नाम दर्ज है। इस संपत्ति की देखरेख और प्रबंधन के लिए उन्हें आम मुख्तयार नियुक्त किया गया है।
जबरन घुसने और धमकाने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, 13 जनवरी को फार्म हाउस पर तैनात केयरटेकर सलीम ने फोन कर सूचना दी कि मनीष मिर्धा अपने साथियों के साथ जबरन फार्म हाउस में घुस आए और जमीन को अपनी बताते हुए बाहर निकालने की धमकी देने लगे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने फार्म हाउस में उपयोग होने वाले तालों की चाबियां भी जबरन ले लीं। केयरटेकर द्वारा इस घटना के वीडियो भी भेजे गए, जिन्हें शिकायत के साथ पुलिस को सौंपा गया है।
समाधि स्थल से छेड़छाड़ का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 14 जनवरी को मनीष मिर्धा एक बार फिर अपने साथियों के साथ फार्म हाउस पहुंचे और ताले तोड़कर परिसर में घुस गए। इस दौरान वहां स्थित समाधि स्थल के साथ छेड़छाड़ और तोड़फोड़ की गई। इस पूरी घटना के वीडियो फुटेज मौजूद हैं, जिनमें मनीष मिर्धा और उनके साथी स्पष्ट रूप से तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं।
पुलिस कर रही जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रेम प्रकाश जयपुर से जोधपुर पहुंचे और प्रताप नगर थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने वीडियो साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी भवानी सिंह राठौड़ ने बताया कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी।
मिर्धा परिवार से जुड़ा यह विवाद अब कानूनी दायरे में आ गया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन पर वास्तविक अधिकार किसका है और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
