होली पर जोधपुर में बसों की छतों पर सफर, कई रूटों पर रोडवेज सेवाएं रहीं बंद
Monday, Mar 02, 2026-01:42 PM (IST)
जोधपुर: जोधपुर में होली के अवसर पर घर लौटने की जल्दी में यात्रियों ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। त्योहार की भीड़ के बीच कई लोग बसों के अंदर जगह नहीं मिलने पर उनकी छतों पर बैठकर सफर करते नजर आए। यह स्थिति तब सामने आई जब राज्य परिवहन विभाग पहले ही सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकारी और निजी बसों की छतों से लगेज कैरियर और सीढ़ियां हटाने के निर्देश जारी कर चुका है, ताकि छत पर यात्रा को पूरी तरह रोका जा सके।
मंडोर चौराहे पर सामने आए दृश्य सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते नजर आए। कैमरे में कैद तस्वीरों में यात्री बसों की छत पर बैठे दिखाई दिए। त्योहार के कारण बढ़ी भीड़ और पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में लोगों ने नियमों की अनदेखी करते हुए जोखिम भरा सफर चुना। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की यात्रा किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है, खासकर जब बसें हाईवे या भीड़भाड़ वाले मार्गों से गुजरती हैं।
इसी बीच होली और रामा-श्यामा के अवसर पर यात्रीभार में कमी को देखते हुए रोडवेज प्रशासन ने कई रूटों पर बसों का संचालन आंशिक रूप से बंद करने का निर्णय लिया। रोडवेज डिपो प्रबंधन के अनुसार 2 मार्च को रात्रिकालीन बसों का संचालन नहीं किया गया, जबकि 3 मार्च को दिन में अधिकांश बसें बंद रहीं। 4 मार्च से सभी रूटों पर बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित करने की बात कही गई है।
2 मार्च को जयपुर, उदयपुर और बारां रूट पर शाम और रात की बसें प्रभावित रहीं। वहीं 3 मार्च को जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, अहमदाबाद, सिरोही, मेड़ता, बाड़मेर, पाली, सोजत, शेरगढ़, रामदेवरा सहित कई रूटों पर दिन में बसें नहीं चलीं। इसके अलावा भोपालगढ़, आसोप, गोटन, खेड़ापा, तिंवरी, ओसियां और बुटाटी रूटों पर भी बस संचालन बंद रहा।
तीन मार्च को सीबीएस बुकिंग कार्यालय पहली और दूसरी पारी में बंद रहे, हालांकि आरक्षण और पूछताछ शाखा नियमित रूप से संचालित होती रही। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती त्योहारों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में इस तरह की जोखिम भरी घटनाओं को रोका जा सके।
