राजस्थान में ‘ग्रीन क्रेडिट नीति’ लागू! जानिए आपको कैसे मिलेगा फायदा

Saturday, Jan 03, 2026-04:52 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान सरकार ने प्रदेश में 'ग्रीन क्रेडिट नीति' लागू कर दी है। ग्रीन क्रेडिट्स से सर्कुलर इकोनॉमी को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके तहत पर्यावरण प्रोजेक्ट्स में निवेश पर 10 फीसदी तक क्रेडिट वाउचर व 2.5 करोड़ रुपए तक का लाभ मिलेगा। इसे बेचा भी जा सकेगा।

 

वर्ष 2070 तक राजस्थान को कार्बन मुक्त बनाने और पर्यावरण को बचाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राजस्थान के वित्त विभाग ने 'राजस्थान ग्रीन क्रेडिट नीति' की अधिसूचना जारी कर दी है। इस नीति के तहत अब पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्रदूषण कम करने वाली परियोजनाओं में निवेश करने वाली कंपनियों और निवेशकों को सरकार आर्थिक प्रोत्साहन देगी।

 

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि स्थानीय निकायों तथा निवेशकों को हरित एवं टिकाऊ विकास से संबंधित परियोजनाओं एवं गतिविधियों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 योजना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान की है। इस योजना के माध्यम से पर्यावरणीय लक्ष्यों को आर्थिक प्रोत्साहनों से जोड़कर ग्रीन एवं सर्कुलर इकोनॉमी के विकास को बढ़ावा दिया जा सकेगा। योजना का प्रमुख उद्देश्य वाउचर के रूप में ट्रेडेबल एवं रीडीमेबल ग्रीन क्रेडिट प्रदान कर पर्यावरणीय रूप से सस्टेनेबल परियोजनाओं में निवेश को प्रोत्साहित करना है।

 

कन्हैया लाल ने कहा कि इस योजना के तहत उद्यमों एवं शहरी स्थानीय निकायों को नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण एवं प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों, सस्टेनेबल बिल्डिंग एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

इस योजना में पात्र निवेशकों को रिप्स-2024 के अंतर्गत मिलने वाले ग्रीन इंसेंटिव्स के अतिरिक्त उनके पर्यावरण संबंधित योगदान के लिए ग्रीन क्रेडिट वाउचर जारी किए जाएंगे। ये ग्रीन वाउचर 1 करोड़ रुपए तक के हरित निवेश पर 5 प्रतिशत और 10 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 2.50 करोड़ रुपए) तक मूल्य के होंगे। शहरी स्थानीय निकायों को भी स्वयं के संसाधनों से वित्त पोषित परियोजनाओं पर इसी अनुरूप ग्रीन वाउचर जारी किए जाएंगे।

 

ग्रीन क्रेडिट नीति, कार्बन क्रेडिट की तर्ज पर शुरू की गई एक योजना है। यदि कोई निवेशक राजस्थान में पर्यावरण को सुधारने वाली किसी परियोजना में धन निवेश करता है। तो सरकार उसे 'ग्रीन क्रेडिट वाउचर' देगी। इस वाउचर का उपयोग निवेशक अपनी अगली परियोजना में वित्तीय छूट पाने या इसे किसी दूसरी कंपनी को बेच भी सकता है।

 

इन क्षेत्रों में निवेश करने पर मिलेगा लाभ
अक्षय ऊर्जा।
जल प्रबंधन।
जैविक खेती।
अपशिष्ट प्रबंधन।
प्रदूषण नियंत्रण।

 

कितना फायदा मिलेगा
₹1 करोड़ तक के निवेश पर - निवेश राशि का 5 फीसदी ग्रीन क्रेडिट।
₹1 करोड़ से 10 करोड़ तक के निवेश पर - निवेश राशि का 7.5 फीसदी ग्रीन क्रेडिट।
₹10 करोड़ से अधिक के निवेश पर - निवेश राशि का 10 फीसदी ग्रीन क्रेडिट।
अधिकतम सीमा : एक निवेशक को अधिकतम ₹2.5 करोड़ तक का ग्रीन क्रेडिट मिल सकेगा।


Content Editor

Anil Jangid

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