IPL से पहले बदलेगा जयपुर का SMS स्टेडियम, 20 करोड़ के रिनोवेशन से बढ़ेगी सीटिंग और लगेंगी LED फ्लड लाइट्स
Wednesday, Mar 04, 2026-11:44 AM (IST)
जयपुर का ऐतिहासिक सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से पहले पूरी तरह नए रूप में नजर आएगा। राजस्थान सरकार करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम का व्यापक रिनोवेशन करवा रही है। इस काम के तहत ग्राउंड, पवेलियन, फ्लड लाइट, स्टैंड, बिजली व्यवस्था और दर्शकों की सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि खिलाड़ियों और दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल सके।
राज्य के खेल विभाग के सचिव नीरज कुमार पवन ने बताया कि जयपुर में IPL मुकाबलों को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम के हर हिस्से में सुधार कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अप्रैल में होने वाले मुकाबलों से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएं।
18 हजार कुर्सियां होंगी ठीक, 4 हजार नई सीटें
स्टेडियम में दर्शकों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए करीब 18 हजार पुरानी कुर्सियों की मरम्मत की जा रही है। जो कुर्सियां टूट चुकी हैं, उन्हें बदला जा रहा है। इसके साथ ही 4 हजार नई कुर्सियां भी मंगवाई गई हैं, जिससे बैठने की व्यवस्था और बेहतर होगी।
स्टेडियम के कई हिस्सों में टूट-फूट की मरम्मत की जा रही है और पूरे परिसर में नए सिरे से पेंटिंग का काम चल रहा है। खास बात यह है कि इस बार IPL के दौरान पूरा स्टेडियम पिंक सिटी की पहचान के अनुसार गुलाबी रंग में नजर आएगा।
सुरक्षा के लिए बिजली व्यवस्था में बदलाव
दर्शकों और खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम की बिजली व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। खुले तारों और बिजली के बॉक्स को कवर करने के साथ-साथ कई जगहों पर अंडरग्राउंड वायरिंग की जा रही है।
इसके अलावा साउथ पवेलियन के फर्स्ट फ्लोर पर बने इलेक्ट्रिसिटी रूम को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जोखिम कम किया जा सके।
स्टेडियम परिसर में लंबे समय से जमा कबाड़ भी हटाया गया है। करीब 7 से 8 टन कबाड़ निस्तारित कर सरकार ने राजस्व भी हासिल किया है।
35 हजार किलो वजन से हुआ लोड टेस्ट
IPL से पहले स्टेडियम की संरचनात्मक मजबूती की जांच के लिए लोड टेस्टिंग की गई है। स्टेडियम के अलग-अलग हिस्सों में करीब 35 हजार किलो वजन रखकर उसकी क्षमता का परीक्षण किया गया।
इस परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैच के दौरान हजारों दर्शकों की मौजूदगी में भी किसी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक समस्या न आए।
पुराने AC हटेंगे, बेहतर कूलिंग मिलेगी
पिछले IPL सीजन में नॉर्थ और साउथ पवेलियन में लगे पुराने एयर कंडीशनर की वजह से दर्शकों को गर्मी का सामना करना पड़ा था। इस बार सभी पुराने AC हटाकर नए हाईटेक एयर कंडीशनर लगाए जा रहे हैं, जिससे मैच देखने आए लोगों को बेहतर कूलिंग मिल सकेगी।
इसके अलावा बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने करीब 25 लाख रुपए की लागत से 250 KVA का एडवांस जनरेटर खरीदा है। इससे पूरे स्टेडियम में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
खिलाड़ियों के लिए जकूजी और आधुनिक सुविधाएं
स्टेडियम में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए स्पेशल जकूजी भी लगाया जा रहा है। वहीं, ड्रेसिंग रूम और पवेलियन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
इसके साथ ही स्टेडियम के नॉर्थ, वेस्ट और साउथ स्टैंड में बने टॉयलेट्स को पूरी तरह रिनोवेट किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
18 साल पुरानी फ्लड लाइट की जगह LED
करीब 18 साल पहले लगाई गई फ्लड लाइट्स को हटाकर अब एडवांस LED फ्लड लाइट्स लगाई जाएंगी। नई तकनीक वाली इन लाइट्स में रोशनी का स्तर जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा किया जा सकेगा।
इससे न केवल ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि स्टेडियम के संचालन में भी आसानी होगी और सरकार को आर्थिक लाभ मिलेगा।
सीटिंग कैपेसिटी बढ़ाने की तैयारी
खेल विभाग स्टेडियम की सीटिंग क्षमता बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है। इसके तहत ईस्ट स्टैंड के पीछे अतिरिक्त कुर्सियां लगाने और खेल भवन क्षेत्र में भी दर्शकों के बैठने की व्यवस्था करने की योजना है।
पिछली बार सुरक्षा कारणों से इस क्षेत्र में दर्शकों को बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन इस बार बेहतर प्लानिंग के साथ इसे लागू करने की तैयारी है।
साउथ पवेलियन, जिसे शेन वॉर्न गैलरी के नाम से जाना जाता है, उसमें भी सुधार कार्य किए जा रहे हैं। पवेलियन को अपग्रेड करने के साथ-साथ हाईटेक एयर कंडीशनर और म्यूजिक सिस्टम भी लगाया जाएगा।
सरकार ने मार्च महीने तक सभी काम पूरे करने का लक्ष्य रखा है, ताकि अप्रैल में जयपुर में होने वाले IPL मुकाबलों के दौरान दर्शकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें और पिंक सिटी का यह ऐतिहासिक स्टेडियम नए रंग-रूप में नजर आए।
