जयपुर के संभव पाटनी ने UPSC में हासिल की 608वीं रैंक, पटवारी दादा से मिली प्रशासनिक सेवा की प्रेरणा
Friday, Mar 06, 2026-05:29 PM (IST)
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में जयपुर के एक युवा ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है। जयपुर के दुर्गापुरा स्थित श्रीजी नगर निवासी संभव पाटनी ने UPSC सिविल सर्विस परीक्षा में ऑल इंडिया 608वीं रैंक प्राप्त की है।
हालांकि इस सफलता के बावजूद संभव पाटनी इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका लक्ष्य इससे भी बेहतर रैंक हासिल करना है। इसी वजह से वह एक बार फिर से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।
दादा को देखकर मिला प्रशासनिक सेवा का सपना
संभव पाटनी ने बताया कि सिविल सर्विस में जाने की प्रेरणा उन्हें अपने परिवार से मिली। उनके दादा पटवारी थे और बचपन से ही उन्हें काम करते हुए देखकर प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना मन में पैदा हुआ।
उन्होंने कहा कि बचपन में जब वह अपने दादा को लोगों की समस्याएं हल करते हुए देखते थे, तब उन्हें एहसास हुआ कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज के लिए बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
संभव ने बताया कि उस समय वह जयपुर के टैगोर पब्लिक स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने तय कर लिया था कि आगे चलकर सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करेंगे और प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करेंगे।
दिल्ली जाकर की गंभीर तैयारी
संभव पाटनी ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 से UPSC की तैयारी को गंभीरता से शुरू किया। इसके बाद उच्च शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन के लिए वह दिल्ली चले गए।
दिल्ली में रहते हुए उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान समय का सही प्रबंधन बेहद जरूरी होता है। इसलिए उन्होंने पढ़ाई और तैयारी दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाया।
इंटरव्यू में पूछे गए कई सवाल
संभव पाटनी ने बताया कि UPSC इंटरव्यू के दौरान उनसे कई रोचक और महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। इंटरव्यू बोर्ड ने उनसे उनके कॉलेज सेंट स्टीफन से जुड़े प्रश्न पूछे।
इसके अलावा उनसे प्रशासनिक सेवाओं की भूमिका, देश के समसामयिक मुद्दों और विभिन्न सामाजिक विषयों से संबंधित सवाल भी पूछे गए।
संभव के अनुसार इंटरव्यू का अनुभव काफी सीख देने वाला रहा। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि सोचने और समझने की क्षमता को भी परखता है।
सोशल मीडिया से बनाई दूरी
UPSC की तैयारी के दौरान संभव पाटनी ने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में समर्पित रखा। उन्होंने बताया कि तैयारी के समय उन्होंने सोशल मीडिया से लगभग पूरी तरह दूरी बना ली थी।
उनका मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान किसी भी प्रकार का डिस्ट्रैक्शन सफलता के रास्ते में बाधा बन सकता है।
इसी कारण उन्होंने अपने समय और ऊर्जा को केवल पढ़ाई और तैयारी पर केंद्रित रखा।
अभी संतुष्ट नहीं, फिर करेंगे प्रयास
संभव पाटनी ने कहा कि इस बार मिली 608वीं रैंक से उन्हें खुशी जरूर है, लेकिन वह इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य इससे भी बेहतर रैंक हासिल करना है ताकि वह प्रशासनिक सेवा में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
इसी वजह से उन्होंने एक बार फिर से UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है और अगले प्रयास में बेहतर परिणाम लाने का लक्ष्य रखा है।
परिवार में खुशी का माहौल
संभव पाटनी की इस सफलता से उनके परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिवार के लोगों का कहना है कि संभव ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है।
उनके परिवार को उम्मीद है कि आने वाले समय में संभव और बेहतर रैंक हासिल करेंगे और देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा
संभव पाटनी की सफलता यह साबित करती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो किसी भी बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है।
उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
