जयपुर में राजस्थान विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ का प्रथम त्रैवार्षिक अधिवेशन सम्पन्न
Saturday, Apr 11, 2026-01:50 PM (IST)
जयपुर: जयपुर में 10 अप्रैल 2026 को राजस्थान विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ की जयपुर महानगर शाखा का प्रथम त्रैवार्षिक अधिवेशन उत्साह और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में संगठन के पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के स्वागत भाषण से हुई। इस दौरान सर्वप्रथम प्रल्हाद सिंह अवाना, हजारीलाल गुर्जर, नवल किशोर शर्मा, बिशन सिंह तंवर, शिव चरण शर्मा एवं बद्रीनारायण वर्मा का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया, जिनके मार्गदर्शन में संगठन ने उल्लेखनीय कार्य किए।
अध्यक्षीय संबोधन में हजारीलाल गुर्जर ने कहा कि संगठन ने हमेशा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि पेंशन एवं मेडिकल फंड में समय पर राशि हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगमों पर दबाव बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों को नियमित भुगतान मिल सका। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 8-10 वर्षों में संगठन ने लगभग 10 से 12 हजार करोड़ रुपये पेंशन और मेडिकल फंड में जमा करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रल्हाद सिंह अवाना ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे भविष्य में भी संगठन को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय योगदान दें। वहीं नवल किशोर शर्मा और बिशन सिंह तंवर ने भी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
शिव चरण शर्मा ने ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) के मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वित्त विभाग के साथ हुई वार्ताओं में संगठन की सक्रिय भागीदारी के कारण ही ओपीएस लागू करवाने में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिला है।
बद्रीनारायण वर्मा ने अपने वक्तव्य में बताया कि संगठन ने मेडिकल बिलों के शीघ्र निस्तारण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लागू करवाए हैं। इसमें वृत स्तर और जोनल स्तर पर स्वीकृति सीमा बढ़ाना तथा दवाइयों एवं मेडिकल परीक्षणों पर की जा रही कटौती को समाप्त करवाना शामिल है। उन्होंने इसे संगठन की बड़ी उपलब्धि बताया।
अधिवेशन में विद्युत निगमों के संभावित निजीकरण के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि निजीकरण हुआ तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और चिकित्सा सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इस योजना का पुरजोर विरोध करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के अंत में यह आशा व्यक्त की गई कि नई कार्यकारिणी संगठन को और अधिक सशक्त बनाएगी तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। साथ ही सभी सहयोगियों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए अधिवेशन का समापन किया गया।
