OMR शीट घोटाले पर डोटासरा का बड़ा हमला, पिछले 10 साल की सभी परीक्षाओं की कराएं CBI जांच
Wednesday, Jan 28, 2026-08:11 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में OMR शीट घोटाले और परीक्षा पेपर लीक को लेकर सियासत लगातार गर्माती जा रही है। सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि सरकार में वास्तव में ईमानदारी और हिम्मत है, तो पिछले 10 से 12 वर्षों में हुई सभी सरकारी परीक्षाओं की CBI से निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
डोटासरा का यह बयान तब सामने आया जब बुधवार को मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने यह स्वीकार किया कि वर्ष 2018 में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ हुई थी। राठौड़ ने इस गड़बड़ी के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया और सिस्टम के दुरुपयोग का आरोप लगाया। इस बयान के बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए इसे राजनीतिक बयानबाज़ी करार दिया।
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि परीक्षा घोटालों में कार्रवाई किसी राजनीतिक दल को देखकर नहीं होनी चाहिए। चाहे दोषी भाजपा शासनकाल के हों या कांग्रेस शासनकाल के, सभी के खिलाफ समान रूप से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसी भी निष्पक्ष जांच से नहीं डरती, लेकिन जांच केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना शोभा नहीं देता कि “जांच उनके घर तक पहुंचेगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार केवल बयान दे रही है, जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। “मगरमच्छ पकड़ेंगे” जैसे जुमले सुनने में अच्छे लगते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि बड़े मगरमच्छों पर हाथ कब डाला जाएगा।
डोटासरा ने यह भी कहा कि बाबूलाल कटारा जैसे मामलों में कांग्रेस शासनकाल में ही कार्रवाई हुई और उन्हें जेल भेजा गया, जिससे यह साबित होता है कि कांग्रेस ने अपने समय में भी दोषियों को नहीं बख्शा।
इसके साथ ही उन्होंने किरोड़ी लाल मीणा द्वारा लगाए गए रोज़ाना 8 करोड़ रुपये के अवैध बजरी खनन के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सरकार सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो इन आरोपों पर तुरंत ठोस कदम उठाए और दोषियों को सजा दिलाए। डोटासरा के इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में परीक्षा घोटालों को लेकर राजस्थान की राजनीति और अधिक तीखी होने वाली है।
