पेपर लीक और ओएमआर घोटालों पर गहलोत का ट्वीट उनकी विफलताओं की स्वीकारोक्ति : राजेंद्र राठौड़

Thursday, Jan 22, 2026-02:51 PM (IST)

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया ट्वीट को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के नेता राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा है कि यह ट्वीट इस बात की स्पष्ट स्वीकारोक्ति है कि कांग्रेस शासनकाल में ओएमआर शीट घोटालों से लेकर पेपर लीक तक की गंभीर घटनाएं हुईं और युवाओं के सपनों की खुलेआम नीलामी की गई।

 

राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच, जब स्वयं अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे, तब 19 से अधिक भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिनकी गूंज पूरे देश में सुनाई दी। उस समय विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने सड़क से सदन तक पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ आंदोलन किए और जनता ने कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया।

 

भाजपा का आरोप है कि गहलोत सरकार ने पेपर लीक के साथ-साथ नेटबंदी का भी रिकॉर्ड बनाया, इसके बावजूद भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से कराने में पूरी तरह विफल रही। आज राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में सामने आए ओएमआर शीट घोटाले की जड़ें भी गहलोत सरकार के कार्यकाल से जुड़ी हैं।

लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा – 3 फरवरी 2019

कृषि सुपरवाइजर परीक्षा – 3 मार्च 2019

महिला सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा 2018 – 16 जनवरी 2019

 

इन तिथियों से स्पष्ट है कि ये सभी परीक्षाएं कांग्रेस शासनकाल में हुई थीं। भाजपा ने सवाल उठाया कि जिन आरोपियों को अब एसओजी ने पकड़ा है, वे पांच वर्षों तक कर्मचारी चयन बोर्ड में कैसे पदस्थापित रहे, इस पर अशोक गहलोत की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

 

भाजपा नेताओं ने कहा कि उस समय भी एसओजी मौजूद थी, कानून था और स्वयं मुख्यमंत्री गहलोत थे, लेकिन पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की इच्छाशक्ति का अभाव साफ दिखाई दिया। इसके विपरीत, वर्तमान भजनलाल शर्मा सरकार ने सत्ता में आते ही एसओजी को पूरी छूट दी, एसआईटी का गठन किया, 138 एफआईआर दर्ज कीं और अब तक 394 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

 

भाजपा ने कहा कि गहलोत को भाजपा सरकार पर भ्रामक आरोप लगाने के बजाय अपने शासनकाल की विफलताओं और पेपर माफियाओं को मिले संरक्षण की सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए। सरकार की नीयत स्पष्ट है—चाहे पेपर लीक हो या ओएमआर शीट घोटाला, दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और युवाओं के भविष्य से अब किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।


Content Editor

Anil Jangid

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