सीमलवाड़ा अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी, मरीज मजबूरी में डूंगरपुर और गुजरात जा रहे
Sunday, Jan 18, 2026-03:50 PM (IST)
डूंगरपुर। जिले के सीमलवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण क्षेत्रवासियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह CHC चौरासी विधानसभा क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन वर्तमान में स्वीकृत 9 डॉक्टर पदों में से केवल 3 डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ एवं CHC प्रभारी डॉक्टर सुभाष रोत, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर अरविंद परमार और जनरल सर्जन डॉक्टर जिग्नेश कटारा तैनात हैं। शेष 6 पद लंबे समय से रिक्त हैं।
डॉक्टरों की कमी से अस्पताल के कई सुविधाएं निष्क्रिय हैं। सोनोग्राफी मशीन धूल फांक रही है क्योंकि सोनोलॉजिस्ट का पद खाली है। गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों पर भारी शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है। सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत डूंगरपुर जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ और दंत चिकित्सक के पद खाली होने से बच्चों और दंत रोगियों का समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सीमलवाड़ा CHC को ‘अर्बन’ श्रेणी में रखा गया है। इसका असर यह हुआ कि यहां पोस्टिंग लेने वाले जूनियर डॉक्टर पीजी प्रवेश में मिलने वाले बोनस अंकों का लाभ नहीं ले पाते। यही कारण है कि युवा डॉक्टर इस अस्पताल में पोस्टिंग लेने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने इसे ‘रूरल’ श्रेणी में शामिल करने की मांग की है, जिससे डॉक्टरों की संख्या बढ़े और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों का यह भी कहना है कि सीमलवाड़ा CHC को उप जिला चिकित्सालय में अपग्रेड किया जाए। इससे अस्पताल में सुविधाएं बढ़ेंगी, 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध होंगे और मरीजों को मजबूरी में गुजरात के निजी अस्पतालों तक जाने से रोका जा सकेगा।
अस्पताल में 9 स्वीकृत पदों में 6 पद खाली होने के कारण क्षेत्र के मरीजों को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के बिना क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट गहराता रहेगा।
