रावणा राजपूत समाज ने OBC सर्वे के आंकड़ों पर जताया विरोध, प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

Wednesday, Aug 12, 2026-11:52 AM (IST)

जयपुर। राजस्थान में OBC राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सामने आए सर्वे के आंकड़ों पर रावणा राजपूत समाज ने सवाल उठाए हैं। श्री अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने 5 अगस्त 2026 को सामने आए आंकड़ों पर कड़ा विरोध जताते हुए इन्हें समाज की वास्तविक जनसंख्या की तुलना में बेहद कम बताया है।

सर्वे की प्रक्रिया और आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल

रणजीत सिंह सोडाला ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों से ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि सर्वे के दौरान कई परिवारों से संपर्क नहीं किया गया। इसके अलावा कुछ स्थानों पर तकनीकी समस्याओं, अनुमानित डेटा एंट्री और सर्वे प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायतें भी मिली हैं।

समाज की ओर से यह भी दावा किया गया है कि कुछ जगह प्रगणकों को वोटर लिस्ट उपलब्ध कराकर अनुमान के आधार पर आंकड़े अपलोड किए जाने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में समाज का कहना है कि इन आंकड़ों को अंतिम और प्रमाणिक मानने से पहले इनका स्वतंत्र सत्यापन कराया जाना चाहिए।

‘यह जातिगत जनगणना नहीं, आयोग का सर्वेक्षण’

सोडाला ने कहा कि यह जातिगत जनगणना नहीं, बल्कि राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग द्वारा कराया गया सर्वेक्षण है। इसलिए इसे जातिगत जनगणना के तौर पर प्रचारित करना भ्रामक है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि आयोग की पूरी रिपोर्ट, आधारभूत आंकड़े और सर्वेक्षण में अपनाई गई पद्धति को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही आंकड़ों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष सत्यापन कराया जाए।

गांव से जिला स्तर तक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग

रावणा राजपूत समाज ने सर्वे के आंकड़ों को गांव, वार्ड, तहसील और जिला स्तर पर सार्वजनिक करने की मांग की है। समाज का कहना है कि इससे सर्वे की पारदर्शिता और आंकड़ों की वास्तविकता को समझने में मदद मिलेगी।

सोडाला ने मांग की कि सर्वे में छूटे परिवारों का दोबारा सत्यापन कराया जाए और वास्तविक जनसंख्या तथा सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिनिधित्व के आधार पर OBC वर्ग के अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।

मांगें नहीं मानी तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने रावणा राजपूत समाज सहित OBC वर्ग के आंकड़ों की वास्तविकता स्पष्ट नहीं की और सर्वे की कमियों का स्वतंत्र सत्यापन नहीं कराया, तो अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा।

उन्होंने कहा कि रावणा राजपूत समाज अपने अधिकारों और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। सरकार को पारदर्शी और प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर न्यायसंगत निर्णय लेना चाहिए।

 


Content Editor

Sourabh Dubey

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