डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने की साइबर क्राइम शाखा की समीक्षा, संचार तंत्र मजबूत करने के निर्देश
Thursday, Mar 12, 2026-07:37 PM (IST)
जयपुर। पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में साइबर क्राइम शाखा की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। डीजीपी ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन सहित उपलब्ध संचार तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके।
बैठक के दौरान डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उपलब्ध तंत्र को आई4सी (Indian Cyber Crime Coordination Centre) की तर्ज पर और अधिक सक्रिय व प्रभावी तरीके से काम करना चाहिए। उन्होंने आर4सी की एसओपी और मासिक समीक्षा के लिए बिंदु तय करने के साथ ही आवश्यक उपकरण और मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश
पिछले वर्ष चलाए गए जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक दूसरे माह अलग-अलग प्रकार के अभियान संचालित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यालय में अब 17 लाइनों से सुनी जाएगी पीड़ितों की समस्या
साइबर अपराध पीड़ितों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए डीजीपी ने हेल्पलाइन नंबर 1930 को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। पुलिस मुख्यालय में संचालित हेल्पलाइन की लाइनों की संख्या तत्काल प्रभाव से 11 से बढ़ाकर 17 करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या और बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।
बैठक में डीजी संजय अग्रवाल, एडीजी वी.के. सिंह, डीआईजी कुंवर राष्ट्रदीप और विकास शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस दौरान डीआईजी शांतनु सिंह ने साइबर क्राइम यूनिट के अंतर्गत संचालित विभिन्न शाखाओं, उनकी कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
