स्वच्छता मिशन को लेकर सख्त हुए केके गुप्ता, श्रीगंगानगर में निकायों की समीक्षा बैठक
Wednesday, Apr 15, 2026-07:27 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में स्वच्छता को लेकर सरकार अब और सख्त नजर आ रही है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत प्रदेश के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर के के गुप्ता ने श्रीगंगानगर जिले की सभी नगर निकायों की समीक्षा बैठक लेकर साफ संदेश दिया कि अब लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
बैठक में गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और स्वच्छता इस विकास की सबसे अहम कड़ी है। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं से प्रदेश के हर वर्ग—युवा, किसान और महिलाओं—को लाभ मिल रहा है।
गुप्ता ने नगर निकायों को साफ निर्देश दिए कि हर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन सिर्फ अभियान नहीं बल्कि अब शासन और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बन चुका है।
निकायों की होगी रैंकिंग
बैठक में स्वच्छता के आधार पर नगर निकायों को चार श्रेणियों—A, B, C और D में बांटने की बात कही गई।
- A श्रेणी: उत्कृष्ट कार्य
- B श्रेणी: संतोषजनक कार्य
- C श्रेणी: सुधार की जरूरत
- D श्रेणी: सख्त कार्रवाई
इन 5 बिंदुओं पर फोकस के निर्देश
गुप्ता ने साफ तौर पर पांच प्रमुख बिंदुओं पर काम करने को कहा—
- घर-घर कचरा संग्रहण और गीला-सूखा कचरा अलग करना
- नाइट स्वीपिंग व्यवस्था
- सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई
- प्लास्टिक थैलियों पर सख्ती
- खाली प्लॉट्स में कचरा रोकना
स्वच्छता से विकास का रास्ता
गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत विजन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संकल्प के रूप में आगे बढ़ाया है। “स्वच्छ वातावरण ही विकसित राजस्थान की नींव है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ जैसे कार्यक्रमों से राज्य में निवेश बढ़ रहा है और स्वच्छता इस विकास को मजबूती देती है।
सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि—
- शहरों में 100% स्ट्रीट लाइट चालू रहें
- सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई सुनिश्चित हो
- अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई हो
- कचरा प्रबंधन में कोई लापरवाही न हो
अंत में गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है और स्वच्छता को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं चलेगी।
