राजस्थान एसीबी की बड़ी कार्रवाई: बेंगलुरु पुलिस के तीन कर्मी 40 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार

Sunday, Jun 14, 2026-03:43 PM (IST)

जयपुर: राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (Rajasthan ACB) ने जयपुर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु पुलिस के तीन कर्मियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक महिला सब इंस्पेक्टर और दो हेड कांस्टेबल शामिल हैं, जो एक दहेज प्रकरण की जांच के सिलसिले में जयपुर आए हुए थे।

 

जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित पक्ष ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई कि जांच के दौरान बेंगलुरु पुलिसकर्मी उन्हें लगातार डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामले में “राहत” देने के बदले 2 लाख रुपये की मांग की थी।

 

एसीबी ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाया और जयपुर स्थित होटल गणगौर में ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपियों ने 40 हजार रुपये की पहली किश्त स्वीकार की, एसीबी टीम ने मौके पर ही तीनों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान बेंगलुरु पुलिस की सब इंस्पेक्टर अनीता, हेड कांस्टेबल यतीश कुमार और उल्वप्पा को गिरफ्तार किया गया।

 

Bengaluru Police के इन कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक और जांच एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि यह मामला एक गंभीर भ्रष्टाचार प्रकरण है, क्योंकि इसमें दूसरे राज्य की पुलिस द्वारा बाहरी राज्य में आकर कथित रूप से रिश्वत मांगने और लेने का आरोप शामिल है।

 

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व एसीबी के एडिशनल एसपी भूपेंद्र चौधरी ने किया, जबकि पर्यवेक्षण डीआईजी ओम प्रकाश मीणा द्वारा किया गया। कार्रवाई महानिदेशक गोविंद गुप्ता और अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई।

 

ट्रैप के बाद महिला सब इंस्पेक्टर अनीता की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद एसीबी टीम ने तुरंत उन्हें मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। बताया जा रहा है कि उन्हें बीपी की समस्या है, जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हुई।

 

फिलहाल तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। एसीबी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और लोग शामिल हैं या यह किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का हिस्सा है।

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर तब जब कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर ही भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं।


Content Editor

Anil Jangid

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