राजस्थान में युवा मतदाताओं को लेकर बड़ा अभियान, ELC गतिविधियों को गति देने के निर्देश

Tuesday, Aug 11, 2026-07:06 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय एवं पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूक करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित एनआईसी मीटिंग हॉल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) अधिकारियों और महाविद्यालय प्राचार्यों के साथ संवाद किया।

इस दौरान युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, मतदान प्रक्रिया की जानकारी देने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा की गई। कार्यक्रम में ‘एक राज्य-एक चुनाव’, युवा मतदाता और निर्वाचन साक्षरता क्लब की भूमिका से संबंधित प्रस्तुतियां भी दी गईं।

युवा मतदाताओं को जागरूक करने पर जोर
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत नागरिक की आवाज है। युवाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है।

उन्होंने युवा मतदाताओं से मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करने और सही एवं तथ्यपरक जानकारी के आधार पर मतदान का निर्णय लेने की अपील की। साथ ही अफवाह, प्रलोभन और दबाव से दूर रहकर अपने मताधिकार का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से अपने परिवार और समुदाय के अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

कॉलेजों में ELC को बनाएं लोकतंत्र की प्रयोगशाला
कार्यक्रम में निर्वाचन साक्षरता क्लब (ELC) को ‘कॉलेज से लोकतंत्र की प्रयोगशाला तक’ की अवधारणा के तहत प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों और कॉलेज प्राचार्यों को महाविद्यालयों में मतदाता पंजीकरण, मतदान और निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ-साथ मॉक पोल, भूमिका-अभिनय, क्विज और अन्य सहभागी गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही युवाओं को अफवाह और भ्रामक जानकारी के बजाय तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने तथा संवाद के जरिए उनके सवालों और जिज्ञासाओं का समाधान करने की आवश्यकता बताई गई।

निबंध, पोस्टर और रंगोली प्रतियोगिताओं से बढ़ेगी जागरूकता
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कॉलेज स्तर पर निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ, पोस्टर एवं रंगोली प्रतियोगिता, स्लोगन प्रतियोगिता और मतदाता जागरूकता रैली आयोजित करने पर भी जोर दिया। स्वतंत्रता दिवस सहित अन्य अवसरों पर नुक्कड़ नाटक और मतदान गीत जैसी रचनात्मक गतिविधियों के जरिए युवाओं और आमजन तक मतदान का संदेश पहुंचाने की अपील की गई।

‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ पर दी जानकारी
राजेश्वर सिंह ने कहा कि राजस्थान का पंचायती राज व्यवस्था में गौरवशाली इतिहास रहा है। देश में पंचायती राज की शुरुआत राजस्थान से हुई थी और अब ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ की पहल का सौभाग्य भी राजस्थान को मिल रहा है।  उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में एक साथ चुनाव कराने का निर्णय निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में राजनीतिक स्थिरता, प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, आर्थिक बचत, संसाधनों का बेहतर उपयोग और विकास योजनाओं की गति में सुधार शामिल हैं।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंचाया जाएगा संदेश
राज्य निर्वाचन आयोग ने ELC अधिकारियों और युवा मतदाताओं से कॉलेजों में आयोजित निर्वाचन साक्षरता गतिविधियों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने की अपील की। आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को टैग करने के लिए भी कहा गया, ताकि निर्वाचन साक्षरता से जुड़ी गतिविधियों का संदेश अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच सके। कार्यक्रम में सभी ELC क्लब अधिकारियों और प्राचार्यों के साथ QR कोड भी साझा किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न जिलों से जुड़े स्वीप नोडल अधिकारी, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, महाविद्यालय प्राचार्य, ELC अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में युवाओं को जागरूक मतदाता बनने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया गया।

 


Content Editor

Kuldeep Kundara

सबसे ज्यादा पढ़े गए

Related News