डूंगरपुर में आवासीय परिसरों में चल रहे व्यवसाय होंगे नियमित, 28 अक्टूबर से विशेष शिविर शुरू

Tuesday, Oct 27, 2026-06:35 PM (IST)

डूंगरपुर। दीपावली से पहले डूंगरपुर नगर परिषद ने शहर के व्यापारियों और दुकानदारों को बड़ी राहत देने की पहल की है। अब आवासीय भवनों और परिसरों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमानुसार नियमित कराने के लिए 28 अक्टूबर 2026 से विशेष शिविर लगाया जाएगा। नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता और आयुक्त ललित सिंह देथा के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य पात्र व्यवसायियों को आवासीय से व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

नगर परिषद की ओर से यह शिविर दीपावली तक जारी रहेगा। इसके माध्यम से व्यापारी आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित वाणिज्यिक शुल्क जमा कराकर अपने प्रतिष्ठानों को नियमानुसार वैध कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

व्यापारियों को मिलेगी राहत, कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा

शहर में कई व्यापारी आवासीय भूखंडों और भवनों में दुकानें, शोरूम, कार्यालय सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। ऐसे प्रतिष्ठानों को नियमानुसार व्यावसायिक उपयोग की अनुमति नहीं होने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

इसी समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। सभापति सुशीला गुप्ता की इस पहल के तहत पात्र आवेदकों को दस्तावेजों के सत्यापन और भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया में सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।

आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

नगर परिषद क्षेत्र में आवासीय परिसर में व्यवसाय संचालित करने वाले कारोबारियों को आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • स्वामित्व के दस्तावेज: भूखंड या भवन की पट्टा, रजिस्ट्री अथवा अन्य वैध मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज।

  • भवन का मानचित्र: स्वीकृत भवन मानचित्र या संबंधित लेआउट।

  • व्यावसायिक परिसर की फोटो: दुकान या प्रतिष्ठान की स्पष्ट वास्तविक तस्वीरें।

  • निर्धारित वाणिज्यिक शुल्क: नियमानुसार देय शुल्क जमा कराने से संबंधित दस्तावेज और आवश्यक आवेदन पत्रावली।

नगर परिषद के अनुसार, आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने पर प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

7 दिन में जारी होगा भू-उपयोग परिवर्तन प्रमाण पत्र

इस विशेष शिविर की अहम बात आवेदन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना है। आयुक्त ललित सिंह देथा के अनुसार, जो आवेदक सभी आवश्यक विधिक दस्तावेज और निर्धारित वाणिज्यिक शुल्क जमा कराकर अपनी पूरी पत्रावली प्रस्तुत करेंगे, उनके पात्र मामलों में नियमानुसार सात दिनों के भीतर आवासीय से व्यावसायिक भू-उपयोग परिवर्तन का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

वहीं, जो मामले मौजूदा नियमों के तहत तत्काल व्यावसायिक उपयोग के लिए पात्र नहीं होंगे, उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा। ऐसे मामलों पर भविष्य में मास्टर प्लान या संबंधित नियमों में बदलाव अथवा नियमानुसार शिथिलता मिलने की स्थिति में विचार किया जा सकेगा।

दीपावली के बाद अवैध व्यावसायिक परिसरों पर होगी सीज की कार्रवाई

नगर परिषद ने व्यापारियों को राहत देने के साथ नियमों की पालना को लेकर सख्त रुख भी अपनाया है। आयुक्त के अनुसार, निर्धारित अवधि तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं कराने और नियमानुसार शुल्क नहीं चुकाने वाले व्यावसायिक परिसरों के खिलाफ दीपावली के बाद सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है।

ऐसे में नगर परिषद ने व्यापारियों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना 28 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष शिविर में पहुंचकर अपनी पत्रावली जमा कराएं और नियमानुसार भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी करें।

 


Content Editor

Sourabh Dubey

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