डूंगरपुर में व्यापारियों को राहत: आवासीय परिसरों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमित कराने के लिए उमड़े व्यापारी

Wednesday, Oct 28, 2026-06:43 PM (IST)

डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर में आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे व्यापारियों को राहत देने के लिए नगर परिषद की ओर से शुरू किए गए विशेष शिविर को पहले ही दिन अच्छा प्रतिसाद मिला। बुधवार, 28 अक्टूबर से शुरू हुए शिविर में कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को नियमित कराने के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्रावलियां जमा कराईं। वहीं, बड़ी संख्या में व्यापारी भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित शुल्क की जानकारी लेने भी नगर परिषद पहुंचे।

नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता की पहल पर शुरू किए गए इस शिविर का उद्देश्य आवासीय भूखंडों और भवनों में संचालित दुकानों, शोरूम, कार्यालयों सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमानुसार नियमित करने का अवसर देना है। शिविर को लेकर व्यापारियों में उत्साह देखने को मिला। पहले ही दिन आवेदन जमा होने और प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए लोगों की मौजूदगी ने इस पहल के प्रति कारोबारियों की रुचि को दर्शाया।

सभापति सुशीला गुप्ता की पहल से व्यापारियों को राहत की उम्मीद

नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता और आयुक्त ललित सिंह देथा की पहल पर आयोजित इस विशेष शिविर के जरिए भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उन व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

शिविर में संबंधित अधिकारी व्यापारियों को आवेदन प्रक्रिया और जरूरी औपचारिकताओं की जानकारी दे रहे हैं। जिन व्यापारियों ने अभी तक आवेदन तैयार नहीं किए हैं, वे आवश्यक दस्तावेज और शुल्क संबंधी जानकारी जुटाकर अपनी पत्रावलियां पूरी करने में लगे हैं।

दस्तावेज और शुल्क जमा कराने पर सात दिन में प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य

नगर परिषद के अनुसार, भू-उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन करते समय भूमि या भवन के स्वामित्व से संबंधित वैध दस्तावेज, पट्टा अथवा रजिस्ट्री, स्वीकृत भवन मानचित्र या संबंधित लेआउट, व्यावसायिक प्रतिष्ठान की स्पष्ट तस्वीर और निर्धारित वाणिज्यिक शुल्क से संबंधित दस्तावेज जमा कराने होंगे।

नियमों के तहत पात्र पाए जाने वाले मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सात दिन के भीतर भू-उपयोग परिवर्तन का प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, वर्तमान नियमों के तहत तत्काल व्यावसायिक उपयोग के लिए पात्र नहीं पाए जाने वाले मामलों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। ऐसे प्रकरणों को भविष्य में मास्टर प्लान या नियमों में शिथिलता मिलने की स्थिति में विचार के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा।

दीपावली तक मिलेगा शिविर का लाभ, इसके बाद सीज की कार्रवाई संभव

नगर परिषद का विशेष शिविर दीपावली तक जारी रहेगा। ऐसे में आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले व्यापारियों के पास जरूरी दस्तावेज तैयार कर आवेदन जमा कराने का अवसर है।

नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि तक आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा नहीं कराने वाले तथा नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक परिसरों के खिलाफ दीपावली के बाद सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है।

पहले दिन व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी से संकेत मिल रहा है कि कारोबारी इस अवसर का लाभ उठाकर अपने प्रतिष्ठानों को नियमानुसार नियमित कराना चाहते हैं। नगर परिषद की इस पहल से व्यापारियों को प्रक्रिया समझने, आवेदन तैयार करने और निर्धारित समय में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 


Content Editor

Sourabh Dubey

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