डूंगरपुर में जमीन की मनमानी पर नगर परिषद सख्त, अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियों पर कार्रवाई की तैयारी
Tuesday, Oct 27, 2026-12:19 PM (IST)
डूंगरपुर। राजस्थान के डूंगरपुर शहर में नियमों की अनदेखी कर कॉलोनियां विकसित करने वाले कॉलोनाइजरों और जमीन का अनधिकृत उपयोग करने वालों के खिलाफ नगर परिषद ने सख्त रुख अपनाया है। सभापति सुशीला गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि प्लॉट बेचने के बाद सड़क, नाली, पेयजल, बिजली और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने वाले विकासकर्ताओं की जवाबदेही तय की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार संपत्ति सीज करने सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
अधूरी सुविधाओं वाली कॉलोनियों पर लगेगी रोक
नगर परिषद की ओर से निजी कॉलोनियों का सर्वे और आम सूचना जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब अगले चरण में संबंधित कॉलोनियों में पट्टा जारी करने, नामांतरण, उपविभाजन और भवन निर्माण स्वीकृति जैसे कार्यों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य उन कॉलोनाइजरों की जिम्मेदारी तय करना है, जिन्होंने भूखंड बेचने के बाद स्वीकृत योजना के अनुसार विकास कार्य पूरे नहीं किए। नगर परिषद का कहना है कि कॉलोनी विकसित करने के लिए निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराना विकासकर्ताओं की जिम्मेदारी है।
जीवनभर की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदने वालों को मिलेगी राहत?
शहर की कई निजी कॉलोनियों में भूखंड खरीदने वाले परिवारों को सड़क, नाली, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नगर परिषद की प्रस्तावित कार्रवाई से प्रभावित रहवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सभापति सुशीला गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि कॉलोनाइजर केवल भूखंड बेचकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते। स्वीकृत योजना के अनुसार विकास कार्य पूरे नहीं करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधियों की होगी जांच
नगर परिषद अब उन भूखंडों की भी जांच करेगी, जिनका आवासीय उपयोग निर्धारित होने के बावजूद वहां बिना आवश्यक अनुमति दुकानें, प्रतिष्ठान या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इस संबंध में पहले ही आम सूचना जारी की जा चुकी है। अब स्वीकृत भू-उपयोग और आवश्यक अनुमतियों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृषि भूमि पर बिना भू-उपयोग परिवर्तन निर्माण करने वालों पर भी नजर
कृषि भूमि का निर्धारित प्रक्रिया के तहत भू-उपयोग परिवर्तन कराए बिना मकान, दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। नगर परिषद संबंधित भूमि और निर्माण की स्थिति की जांच करेगी। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर लागू प्रावधानों के अनुसार संपत्ति सीज करने सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
सर्वे पूरा, अब कार्रवाई पर रहेगी नजर
नगर परिषद की इस पहल का उद्देश्य भूमि उपयोग से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करना और भूखंड खरीदने वाले लोगों के हितों की रक्षा करना है। अब यह देखना अहम होगा कि सर्वे में सामने आए मामलों पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और अधूरी सुविधाओं से परेशान रहवासियों को कब तक राहत मिलती है।
डूंगरपुर में नगर परिषद की इस कार्रवाई से उन कॉलोनाइजरों और भूखंड मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी है, जो निर्धारित नियमों और स्वीकृत भूमि उपयोग की अनदेखी कर रहे हैं।
