23 अगस्त को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन! UGC आरक्षण नीति के खिलाफ जंतर-मंतर पर जुटेगा समाज
Sunday, Aug 16, 2026-05:58 PM (IST)
जयपुर । UGC आरक्षण नीति को लेकर स्वर्ण समाज एवं युवा अधिकारों की आवाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उजागर सिंह डाबला ने बड़ा बयान दिया है। एक विशेष बातचीत में डाबला ने बताया कि आगामी 23 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से लाखों लोग एकत्रित होंगे। डाबला ने कहा कि ये सवाल उनके अपने नहीं, बल्कि समाज के उन पीड़ित परिवारों के हैं जिनके हक की लड़ाई अभी अधूरी है।
डाबला ने बताया 23 अगस्त की रैली का पूरा खाका
डाबला के अनुसार, 23 अगस्त को दिल्ली जंतर-मंतर पर एक विशाल protest आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश के 22 राज्यों से समाज के लोग हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी द्वारा तैयार की गई "22 राज्यों की सेना" इस दिन दिल्ली कूच करेगी। डाबला ने दावा किया कि इस रैली में लाखों की संख्या में लोग पहुंचेंगे, और सभी प्रदेश अध्यक्षों को अपनी-अपनी ताकत के साथ शामिल होने का आदेश दिया गया है।
डाबला की पहली प्राथमिकता-केंद्र सरकार से UGC Rollback की मांग
डाबला ने स्पष्ट किया कि समाज की सबसे बड़ी और पहली मांग केंद्र सरकार से है- UGC आरक्षण नीति को पूरी तरह वापस (rollback) लिया जाए। उन्होंने कहा कि योग्यता आधारित आरक्षण से समाज को कोई आपत्ति नहीं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में जरूरतमंद वर्ग तक लाभ नहीं पहुंच रहा। डाबला के शब्दों में, आरक्षण उन परिवारों को मिलना चाहिए जो आर्थिक रूप से वास्तव में कमजोर हैं, न कि उन्हें जो पहले से संपन्न हैं।
डाबला की दूसरी प्राथमिकता-राज्य सरकार से पंचायती राज चुनाव में EWS आरक्षण
राजस्थान सरकार से डाबला की दूसरी बड़ी मांग यह है कि आगामी पंचायती राज चुनाव में EWS वर्ग को आरक्षित सीटें दी जाएं। डाबला ने राज्य सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह मांग पूरी नहीं हुई, तो समाज आगामी चुनावों में सरकार का वोट के जरिए विरोध करेगा।
डाबला ने बताया कैसे जोड़े गए समाज नेता
डाबला ने बताया कि विभिन्न राज्यों के समाज नेताओं को शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर लामबंद किया गया है। उनके अनुसार "बाबू साहब" के निर्देश पर सभी प्रदेश अध्यक्षों को रैली में अपनी ताकत के साथ शामिल होने को कहा गया है, ताकि आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल सके।
युवाओं से डाबला की खास अपील
डाबला ने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई पूरे समाज की है, इसलिए अधिक से अधिक संख्या में लोग जंतर-मंतर पहुंचें। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस बड़े प्रदर्शन पर क्या रुख अपनाती है।
