करौली में आरोपी जमानत पर, पीड़ित बेघर, एक्शन में आए एसपी
Friday, Jan 23, 2026-02:50 PM (IST)
करौली। करौली जिले से सामने आया एक मामला न सिर्फ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है बल्कि यह भी दिखाता है कि जब न्याय की रफ्तार धीमी हो जाए, तो पीड़ित परिवार किस तरह टूट जाता है. यहां एक महिला और उसका परिवार महीनों से डर, अपमान और असुरक्षा के साए में जीने को मजबूर है. आरोप है कि गंभीर वारदात के बावजूद शुरुआती स्तर पर पुलिस ने लापरवाही बरती, जिसका फायदा आरोपियों को मिला.
पीड़ित महिला के मुताबिक 27 नवंबर 2025 को उसके साथ बेहद बेरहमी से मारपीट की गई. हमला इतना गंभीर था कि शरीर में चार जगह फ्रैक्चर हो गए. आरोप है कि मारपीट के दौरान महिला की गरिमा को भी निशाना बनाया गया. दबंगों ने कपड़े फाड़ दिए और पहने हुए गहने भी छीन लिए. यह घटना सिर्फ शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानसिक रूप से भी परिवार को तोड़ देने वाली साबित हुई.
परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर चोटों और हालात के बावजूद पुलिस ने मामले में हल्की धाराएं लगाईं. इसी का नतीजा यह हुआ कि आरोपी कुछ ही दिनों में जमानत पर बाहर आ गए. जमानत मिलते ही पीड़ित परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं. आरोप है कि आरोपी खुलेआम धमकियां दे रहे हैं और दबाव बना रहे हैं कि मामला वापस ले लिया जाए. पीड़ितों के अनुसार, अब हालात ऐसे हैं कि उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा है. जान से मारने की धमकियों के चलते परिवार इधर-उधर शरण लेने को मजबूर है. बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है. डर के कारण वे स्कूल तक नहीं जा पा रहे. इतना ही नहीं, आरोप है कि दबंग खेतों में खड़ी फसल जबरन काट ले जा रहे हैं और घर में आग लगाने तक की धमकी दे चुके हैं.
न्याय की आस में जब पीड़ित परिवार करौली एसपी कार्यालय पहुंचा, तो मामला सीधे पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के संज्ञान में आया. हालात की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत सख्त रुख अपनाया. उन्होंने संबंधित थाना अधिकारी को मौके पर ही तलब किया और साफ शब्दों में कहा कि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. एसपी लोकेश सोनवाल ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होगी.
उन्होंने संकेत दिए कि यदि शुरुआती जांच में गलत धाराएं लगाई गई है या तथ्य छुपाए गए हैं, तो आरोपियों पर और सख्त कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी. साथ ही पीड़ित परिवार की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.फिलहाल, करौली का यह मामला प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है.
