करौली मंडी में नई सरसों की रौनक, ऊंचे भाव से किसानों के चेहरे खिले
Tuesday, Feb 10, 2026-06:02 PM (IST)
करौली। पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने और मौसम साफ रहने से करौली क्षेत्र में सरसों की कटाई तेजी पकड़ रही है। इससे कृषि उपज मंडी में नई सरसों की आवक लगातार बढ़ रही है और शुरुआती दौर में ही किसानों को गीली सरसों के बेहतर भाव मिलने से उनके चेहरे खिले हुए हैं। इस बार सरसों के भाव एक हजार से 1500 रुपए प्रति क्विंटल तक पिछले साल की तुलना में ऊंचे हैं।
कृषि उपज मंडी के व्यापारियों ने बताया कि करीब 10 दिन पहले नई सरसों की आवक 75-100 कट्टे थी, जो शुक्रवार को 800 कट्टों तक पहुंच गई और शनिवार को यह संख्या 1000 के पार हो गई। व्यापारियों का अनुमान है कि तापमान में बढ़ोतरी और खुले मौसम के कारण सोमवार तक यह संख्या 5 से 6 हजार कट्टों तक पहुंच सकती है। सीजन के चरम पर आवक 35 से 40 हजार कट्टों तक पहुंचने की उम्मीद है।
नई सरसों आने से मंडी यार्ड में नीलामी का दौर भी शुरू हो गया है। हालांकि, गीले होने के कारण अभी ऑयल लैब टेस्टिंग नहीं हो रही है। कृषि विभाग के सहायक निदेशक सियाराम मीणा ने बताया कि जिले में इस वर्ष 91,180 हैक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई है, जिससे करीब 1,90,000 मीट्रिक टन उपज होने का अनुमान है।
किसानों के लिए यह सीजन राहत लेकर आया है। ढहरा गांव निवासी लक्ष्मण जाट और जगदीश जाट ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार शुरुआती दौर में ही सरसों के बेहतर भाव मिलने से उत्साह है। मंडी में शनिवार को नई सरसों के भाव 5,500 से 6,300 रुपए प्रति क्विंटल रहे, जबकि पुरानी सरसों लैब ऑयल टेस्टिंग पर 6,816 रुपए प्रति क्विंटल बिकी।
कृषि विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक वी.डी. शर्मा ने बताया कि इस बार मौसम का मिजाज सरसों की फसल के लिए अनुकूल रहा। बुवाई से लेकर कटाई तक मौसम जन्य कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। पाल के प्रकोप से राहत रही और अनुकूल तापमान तथा समय पर मावठ के कारण फसलें स्वस्थ रहीं। रोगों के कम होने और मौसम अनुकूल रहने से अच्छी उपज की उम्मीद है।
इस बार अच्छी उपज और बेहतर भाव मिलने से किसानों की आमदनी में निश्चित रूप से इजाफा होगा और करौली मंडी में सरसों का व्यापार फिर से रौनक बिखेर रहा है।
