झुंझुनूं में नाकाबंदी तोड़कर भागे दो इनामी बदमाश हरियाणा से गिरफ्तार!
Sunday, Feb 22, 2026-07:24 PM (IST)
फॉर्च्यूनर से फेंका हथियारों से भरा बैग, सिरसा में छिपे थे आरोपी; हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज
जिले की धनूरी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी तोड़कर फरार हुए दो शातिर इनामी बदमाशों को हरियाणा के सिरसा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई थानाधिकारी संजय गौतम के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की। पुलिस की इस सफलता से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेंद्र उर्फ पवन कुमार (41) निवासी पनीवाला मोटा, सिरसा (हरियाणा) और रायसिंह उर्फ देवीलाल (38) निवासी खारी सुरेरा, सिरसा (हरियाणा) के रूप में हुई है। गिरोह का एक अन्य सदस्य रविंद्र उर्फ रवि पहले ही पुलिस गिरफ्त में है।
नाकाबंदी के दौरान हुआ था सनसनीखेज घटनाक्रम
घटना 29 अगस्त 2025 की रात की है। बगड़ पुलिस ने खुडाना तिराहा बाईपास पर ‘A’ श्रेणी की नाकाबंदी लगा रखी थी। इसी दौरान हरियाणा नंबर की एक संदिग्ध सफेद फॉर्च्यूनर (HR 24 AF 0006) मौके पर पहुंची। पुलिस ने वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी की रफ्तार धीमी कर दी।
जैसे ही पुलिसकर्मी तलाशी के लिए आगे बढ़े, अगली सीट पर बैठे बदमाश ने अचानक एक काला बैग सड़क पर फेंक दिया और ड्राइवर ने तेजी से एक्सीलेटर दबा दिया। कुछ ही पलों में वाहन पुलिस की नजरों से ओझल हो गया।
बैग में मिला पिस्टल और जिंदा कारतूस
पुलिस ने मौके पर पड़े काले बैग को कब्जे में लेकर जांच की तो अंदर से 1 पिस्टल मय मैगजीन, 12 जिंदा कारतूस, 29,560 रुपए नकद और 6 चाबियां बरामद हुईं। हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और फरार बदमाशों की तलाश तेज कर दी।
‘स्पेशल टीम’ ने हरियाणा में दबोचा
मामले की जांच धनूरी थानाधिकारी संजय गौतम को सौंपी गई। उन्होंने एक विशेष टीम का गठन कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। सूचना मिली कि दोनों आरोपी हरियाणा के सिरसा क्षेत्र में छिपे हुए हैं।
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर दोनों इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें झुंझुनूं लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
हत्या और अपहरण जैसे गंभीर मामले दर्ज
मुख्य आरोपी विरेंद्र उर्फ पवन कुमार के खिलाफ हत्या (धारा 302), आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले सहित 5 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वहीं रायसिंह उर्फ देवीलाल के खिलाफ अपहरण और मारपीट के मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और हथियारों के दम पर वारदातों को अंजाम देता था। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वे किस वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।
