झुंझुनूं में अपराधियों में खौफ पैदा करने के निर्देश: नशा तस्करों के मेन सप्लायर्स पर होगी सख्त कार्रवाई!
Thursday, Feb 19, 2026-05:34 PM (IST)
जिले में बढ़ते अपराध और नशा तस्करी पर लगाम कसने के लिए आईजी (कार्मिक) आईपीएस एस. परिमाला ने सख्त रुख अपनाया है। दो दिवसीय दौरे पर झुंझुनूं पहुंचीं आईजी ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय और विभिन्न थानों का निरीक्षण किया तथा कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद आयोजित क्राइम मीटिंग में आईजी ने साफ कहा कि अपराधियों में खौफ पैदा करना जरूरी है। खासतौर पर संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
क्राइम मीटिंग में क्या हुआ?
जिला कलेक्ट्रेट स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय, शहर डीएसपी गोपाल सिंह ढाका, कोतवाल श्रवण नील सहित जिले के सभी डीएसपी और थाना अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष चर्चा की गई—
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लंबित प्रकरणों का निस्तारण: थानों में लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश।
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विशेष अभियान की समीक्षा: राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति रिपोर्ट जांची गई।
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गैंगस्टर नेटवर्क पर कार्रवाई: जिले में बढ़ते गैंगस्टर प्रभाव पर चिंता जताते हुए कठोर रणनीति बनाने के निर्देश।
नशा तस्करों के ‘मेन सप्लायर्स’ पर होगी स्ट्राइक
आईजी एस. परिमाला ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी जिले के युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन रही है। उन्होंने कहा—“अब केवल छोटे पैडलर्स पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। हमारा फोकस उन मुख्य सप्लायर्स पर रहेगा जो जिले में नशे की खेप पहुंचा रहे हैं। उन्हें चिन्हित कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
इसके लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है ताकि संगठित नशा तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।
थाना स्तर पर सतर्कता और संवेदनशीलता
निरीक्षण के दौरान आईजी ने थानों के रिकॉर्ड, साफ-सफाई, बैरक व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आमजन की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुना जाए और त्वरित समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने से ही जनता का विश्वास मजबूत होगा।
SI को थाना प्रभारी बनाए जाने पर क्या बोलीं?
कुछ थानों में सीआई होने के बावजूद एसआई को थाना प्रभारी बनाए जाने के सवाल पर आईजी ने कहा कि पदस्थापन और जिम्मेदारी सौंपना एक विभागीय प्रक्रिया है। इस विषय पर उच्च स्तर पर चर्चा कर नियमों के अनुसार पात्र अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी।
निष्कर्ष:
झुंझुनूं में अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस का रुख अब और सख्त होने वाला है। आईजी के निर्देशों के बाद उम्मीद है कि गैंगस्टर नेटवर्क और ड्रग सप्लायर्स पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
