झालावाड़ की आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री: गेहूंखेड़ी में टीम ने की शूटिंग!
Tuesday, Apr 14, 2026-04:12 PM (IST)
राजस्थान के झालावाड़ जिले की आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने जा रही है। इस योजना की सफलता को दर्शाने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जा रही है, जिसके तहत जयपुर से आई एक टीम ने ग्राम पंचायत गेहूंखेड़ी का दौरा कर विस्तृत वीडियोग्राफी की।
गांव में हुई डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग
फिल्म निर्माण टीम ने गांव के विभिन्न स्थानों—आरोग्य मंदिर, स्कूल, चौराहे और पंचायत क्षेत्र—में जाकर शूटिंग की। इस दौरान योजना के 18 प्रमुख सूचकांकों के आधार पर जानकारी जुटाई गई, ताकि योजना के प्रभाव को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जा सके।
टीम ने डॉ. सोनिका मीना से बातचीत कर योजना की कार्यप्रणाली और इसके परिणामों को समझा। साथ ही ग्रामीणों के अनुभव भी रिकॉर्ड किए गए।
गांव में ही मिल रही स्वास्थ्य सुविधाएं
पिछले छह महीनों से इस योजना के तहत गांव में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव देखा गया है। अब ग्रामीणों को टाइफाइड, मलेरिया, शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की जांच गांव में ही निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
इससे लोगों को शहर जाने की जरूरत कम हुई है और समय व पैसे दोनों की बचत हो रही है।
नशा मुक्ति और स्वस्थ जीवन शैली पर जोर
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नशा मुक्ति और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना है। गांव में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोगों को संतुलित आहार, योग और दिनचर्या के महत्व के बारे में बताया जाता है।
ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई जाती है।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं
योजना के तहत प्रशिक्षित आरोग्य सखी और आरोग्य मित्र घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। महिलाओं को रसोई में मौजूद मसालों के औषधीय उपयोग और पौधों की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी जा रही है।
इससे पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को भी बढ़ावा मिल रहा है।
महिलाओं और बच्चों पर विशेष फोकस
प्रत्येक टीकाकरण दिवस पर महिलाओं को पोषण युक्त आहार, एनीमिया से बचाव और गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ रहने के उपाय बताए जाते हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं को योग और उचित खान-पान की जानकारी दी जाती है, जिससे मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें।
डॉ. सोनिका मीना द्वारा गर्भवती महिलाओं को पोषण किट भी वितरित की गई।
स्कूलों में भी स्वास्थ्य जांच
स्कूलों में किशोरियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है, जिसमें हीमोग्लोबिन की कमी का पता लगाया जाता है। इसके अलावा छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाता है और उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
विभागों का संयुक्त प्रयास
यह अभियान आयुर्वेद, चिकित्सा और शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है। पोषण पखवाड़े के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं, जहां महिलाओं और बच्चों को जागरूक किया जाता है।
निष्कर्ष
गेहूंखेड़ी गांव में चल रही आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार का एक सफल मॉडल बनकर उभरी है।
इस पर बन रही डॉक्यूमेंट्री न केवल इस पहल को व्यापक पहचान दिलाएगी, बल्कि अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
